आजमगढ़। कंपकपाती ठंड में बिजली की डिमांड बढ़ती जा रही है। ठंंड से निजात के लिए जिले में ब्लोअर, हीटर का अधिक उपयोग होने लगा है। दिसंबर में जहां औसतन 244 मेगावाट बिजली खर्च होती थी वहीं, जनवरी में प्रतिदिन औसतन 388 मेगावाट बिजली खर्च हो रही है।
जनपद में छह वितरण खंड हैं। इन वितरण खंडों में विभिन्न भार के कुल 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सोमवार को जिला कोहरे की चपेट में रहा। हालांकि मंगलवार और बुधवार को कोहरा नहीं था लेकिन कंपकंपाने वाली सर्द हवा चल रही थीं। बादल छाए हुए थे। दिन भर लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हुए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस था। वहीं, बुधवार को तापमान एक डिग्री सेल्सियस गिर गया। कंपकपाती ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं साथ ही घरों में हीटर, ब्लोअर का भी इस्तेमाल तेजी से होने लगा है। इसके कारण बीते दिसंबर माह की तुलना में इस माह प्रतिदिन औसतन 37 प्रतिशत बिजली की अधिक खपत हो रही है। शाम को बिजली का लोड बढ़ जा रहा है। लोगों के हीटर, ब्लोअर, इंडेक्शन, गीजर आदि प्रयोग किए जाने से इस समय प्रतिदिन जनपद में औसतन 388 मेगावाट बिजली खर्च हो रही है, जबकि बीते दिसंबर माह में प्रतिदिन औसतन 244 मेगावाट बिजली ही खर्च होती थी। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगर इसी तरह ठंड का सितम जारी रहा तो बिजली की खपत और बढ़ सकती है।
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ठंड से बिजली की खपत बढ़ गई है। लोग घरों में ब्लोअर, गीजर, हीटर अधिक उपयोग करने लगे हैं। शाम के समय अचानक लोड बढ़ जाता है। पिछले माह की अपेक्षा इस माह औसतन 37 प्रतिशत अधिक बिजली खर्च हो रही है।
- नवीन चंद्रा, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन।