आजमगढ़। जनपद में आज जहां किसानों को धान में टाप ड्रेसिंग के लिए यूरिया नहीं मिल रही है। वहीं जनपद के आठ किसानों ने घूमघूम कर विभिन्न समितियों से हजारों बोरी यूरिया की खरीदारी कर ली। जांच में मामला संज्ञान में आने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी अब क्रेता, विक्रेता और निजी दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
वर्तमान में किसानों को अपनी धान की फसल के लिए सबसे ज्यादा जरूरत यूरिया की है। इसके लिए किसान दर-दर की ठोकरें खा रहा है। सरकारी दुकानों पर यूरिया न होने के कारण किसानों को बाजार से ऊंचे दामों पर यूरिया की खरीद करनी पड़ रही है। वहीं सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों और प्राइवेट दुकानदारों की मदद से जनपद के आठ किसानों ने हजारों बोरी यूरिया खरीद कर ली। इसका खुलासा उस समय हुआ जब जनपद में कुछ किसानों के नाम पर ज्यादा यूरिया बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया। मामला प्रकाश में आने के बाद इसकी जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि आठ किसान ऐसे हैं जिन्होंने जनपद के विभिन्न साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानदारों से 300 से अधिक बोरी यूरिया की खरीद की है। जांच में तीन सचिव और तीन प्राइवेट दुकानदारों और आठ किसानों की मिलीभगत प्रकाश में आई। कृषि विभाग की ओर से जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। डीएम की इजाजत मिलने के बाद इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद में आठ किसानों ने विभिन्न समितियों और प्राइवेट दुकानदारों के यहां से 300-300 से भी अधिक बोरी यूरिया की खरीद की है। डीएम को रिपोर्ट सौंपी गई है। उनका निर्देश मिलते ही सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।