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चौबीस घंटे में आठ सेमी घटी तमसा, पर नहीं सुधरे हालात

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शहर के बस्ती जमालपुर का रास्ता तमसा के पानी में से घिरा। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। तमसा के रौद्र रूप पर धीरे-धीरे लगाम लगने लगा है। लाल निशान के पास पहुंचने को आतुर तमसा अब वापस लौटने लगी है। बीते 24 घंटे में तमसा के जलस्तर में 8 सेमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ के हालात में अभी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। कई रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन बाधित है। वहीं बिजली व पानी की समस्या ने लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया है।
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लगभग 15 सालों की शांति के बाद तमसा का रौद्र रुप इस बार देखने को मिला है। तमसा के तट तक लोगों के आशियाने बन गए हैं, जिसके चलते इन आशियानों में रहने वालों के समक्ष इस समय काफी समस्या खड़ी हो गई है। नदी के तटवर्ती इलाकों में स्थित क्षेत्रों अभी पानी भरा हुआ है। शहर के कालीचौरा, मड़या जयराम, भोलाघाट, मोहटी घाट, सिधारी, जमालपुर, अईनियां, बद्दोपुर, शेखपुरा, पगरा आदि में अभी हालात नहीं सुधरे है। शहर से अईनिया, बद्दोपुर, शेखपुरा, पगरा आदि गांव के लोगों का सड़क मार्ग से संपर्क कटा हुआ है। उक्त सभी इलाके पूरी तरह से तमसा के बाढ़ से घिरे हुए है। लोग नाव के माध्यम से आवागमन कर रहे है। वहीं मड़या जयराम में ट्रक व बस के ट्यूब पर सवार होकर लोग बाढ़ से घिरे अपने घरों से बाहर निकल रहे है। घरों में पानी भरे हुए दस दिन से अधिक का समय हो जाने से अब भीगे सामान आदि से दुर्गंध उठने लगी है। जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में बनी कालोनी में अपने मकानों की सुरक्षा के लिए रह रहे लोग काफी परेशान हो उठे है। शुक्रवार की शाम चार बजे तमसा का जलस्तर 73.45 मीटर दर्ज किया गया था जो चौबीस घंटे बाद शनिवार को आठ सेमी घट कर 73.38 पर पहुंच गया है। तमसा के जलस्तर में हुई इस मामूली कमी से अभी हालत में कोई सुधार तो नजर नहीं आ रहा है लेकिन उम्मीद जतायी जा रही है कि अब जलस्तर तेजी से घटना शुरू होगा।
कई ग्रामों का कटा है शहर से संपर्क
तमसा में आये उफान के चलते कई ग्रामों का शहर से संपर्क कटा हुआ है। इसके पीछे कारण संपर्क मार्गो पर पानी का भर जाना है। शहर से सटे अईनिया, शेखपुरा, बद्दोपुर, पगरा आदि की स्थिति सर्वाधिक बुरी है। यहां गांव से बाहर निकलने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसी ही कुछ स्थित सिधारी से जमालपुर जाने वाले रास्ते की भी है। हालांकि इस मार्ग पर कुछ पानी कम है, जिसके चलते लोग पानी के बीच से ही होकर संपर्क मार्ग से गुजर रहे है।
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बिजली पानी को लेकर मचा हाहाकार
तमसा के बाढ़ से प्रभावित तटवर्ती क्षेत्रों में बिजली व पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। मड़या जयराम, कालीचौरा आंशिक, बद्दोपुर, शेखपुरा, अईनिया, पगरा आदि जगहों पर दस दिनों से बिजली नहीं है। वहीं पीने के पानी की भी किल्लत हो गई है। मड़या जयराम मुहल्ले के लोगों को नपा प्रशासन टैंकर लगा कर पानी की सप्लाई कर रहा है, लेकिन अन्य स्थानों पर टैंकर आदि की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते लोग डिब्बा बंद पानी खरीद कर पीने को मजबूर है।
तीन घंटे में एक सेमी की दर से तमसा के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है। बीते चौबीस घंटे में तमसा के जलस्तर में आठ सेमी की कमी दर्ज की गई है। अब उम्मीद है कि जलस्तर में कमी की रफ्तार में तेजी आयेगी। बरसात नहीं हुआ तो निश्चित तौर पर एक सप्ताह में तमसा अपनी पेटी में वापस लौट जायेगी।
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- अवनीश कुमार, जेई, बाढ़ खंड, आजमगढ़।

शहर के मड़या जयरामपुर में तमसा के पानी में से घिरे घर से अपने सामानों को निकालते लोग।- फोटो : AZAMGARH

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