आजमगढ़। शहर से सटे आहोपट्टी गांव के पूर्वी माई के स्थान को पर्यटन संवर्धन योजना के तहत विकसित करने की तैयारी है। यहां धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पौने दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव पर्यटन विभाग ने डीएम से स्वीकृति से शासन को भेजा है।
आहोपट्टी स्थित पूर्वी माई के स्थान से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ा है। मान्यता है कि एक महिला के पुकार पर माता प्रकट हुई थीं और आतताई राजा से मुक्ति दिलाई थी। यह मंदिर काफी प्राचीन है। मंदिर के पास बरगद का वृक्ष है, जिसे माता की शाक्तियों का प्रतीक माना जाता है। प्रत्येक रविवार और मंगलवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। नारियल, हलवा-पूड़ी का भोग लगाया जाता है। इस स्थल को विकासित करने के लिए वर्ष 2018 में प्रस्ताव भेज गया था, जिसे इसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय ने इसके लिए यूपीपीसीएल के माध्यम से पौने दो करोड़ का प्रस्ताव तैयार कराया है। इस धनराशि से सभागार, यात्री हाल, चारदीवारी, सोलर लाइट, पेयजल और शौचालय आदि की व्यवस्था की जानी है। डीपीआर को डीएम जिलाधिकारी राजेश कुमार ने भी मंजूरी दे दी है।
विधानसभा वार पर्यटन स्थलों को मिलने लगी मंजूरी
आजमगढ़। मुख्यमंत्री ने दो साल पहले हर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन स्थल के विकास की घोषणा की थी। जहानागंज के टाड़ी स्थित मां परम ज्योति स्थल, फूलपुर में पुरा अंबारी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, सगड़ी के पातालनाथ शिव मंदिर, अतरौलिया के मकरहां स्थिति तपसी बाबा आश्रम, गोपालपुर के शिवपुर देवारा स्थित बुढ़ऊ बाबा मंदिर, मुबारकपुर के मलिक सुदनी स्थित बाबा मलिक की मजार, मेंहनगर में गौरा स्थित महामंडलेश्वर शिव मंदिर, लालगंज के लहुआखुर्द स्थित मां पाल्हमेश्वरी धाम, निजामाबाद का गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब का प्रस्ताव क्षेत्रीय विधायकों ने भेजवाया था। अब इनको मंजूरी मिलने लगी है। राधा-कृष्ण मंदिर को मंजूरी मिल भी गई है। प्रत्येक धार्मिक स्थल पर 50 लाख रुपये से काम कराने का प्रस्ताव है।
विधानसभा वार धार्मिक स्थलों को भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। धनराशि मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा। पूर्वी माता के स्थान का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। इसे शासन को भेजा जा रहा है।-रविंद्र कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी