लाटघाट। घाघरा में बढ़ते जलस्तर से तीन गांवों का संपर्क मार्ग डूब गया है। नदी में उफान और कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा है, जिससे सगड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कटान भी तेजी से हो रहा है, लेकिन अब तक प्रभावितों की सुधि लेने वाला कोई नहीं दिख रहा।
महुला-गढ़वल बांध से सटे तीन गांव बांका, मानिकपुर और शाहडीह का संपर्क मार्ग नदी के पानी में डूब गया है। ग्रामीणों की आवाजाही ठप है। स्थिति यही रही तो जल्द ही यह संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो सकता है। ग्रामीण शंकर यादव का कहना है कि हर साल यही हाल होता है। खेत कटते जाते हैं और रास्ते बंद हो जाते हैं। अधिकारी सर्वे कर चले जाते हैं, लेकिन राहत कब मिलेगी, कोई नहीं जानता। डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से फिलहाल 49 सेंटीमीटर नीचे जरूर है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी का बहाव तेज है और कटान से कई बीघे जमीन नदी में समा चुकी है।
सहबदिया और देवारा खास राजा गांव में कटान सबसे तेज
सहबदिया और देवारा खास राजा गांव में कटान की रफ्तार सबसे तेज है। कृषि योग्य भूमि लगातार नदी की भेंट चढ़ रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने 10 बाढ़ चौकियां और 14 आश्रय स्थल बनाए तो जरूर हैं, लेकिन अभी तक कोई बाढ़ चौकी सक्रिय नहीं हुई है। गांव के बुजुर्ग रामनयन चौधरी कहते हैं कि हमने अपने बाल-बच्चों को दूसरे गांव भेज दिया है। नदी हर साल हमारी ज़मीन निगल रही है, अब तो घर भी खतरे में है। उप जिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो प्रभावित गांवों में नाव लगाकर आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। वहीं बाढ़ खंड के सहायक अभियंता शिवकुमार ने कहा कि शारदा बैराज से 1,09,036 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से 1,31,478 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। अधिकारी और कर्मचारी सतर्क हैं। एमजी बांध पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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एक दिन में नदी का जलस्तर 14 सेमी बढ़ा
बदरहुआं नाले पर शनिवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 70.51 मीटर था जो रविवार को 14 सेमी बढ़कर 70.65 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर शनिवार को नदी का जलस्तर 69.80 मीटर से 11 सेमी बढ़कर 69.91 मीटर हो गया है। बदरहुआ पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।