महाराजगंज। सगड़ी तहसील क्षेत्र में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। इसी को लेकर बृहस्पतिवार की दोपहर लगभग तीन बजे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने सगड़ी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान वे ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए और राहत कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से कुढ़ही, सहदेव गंज, चिकनहवा सहित कई गांवों के मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुद ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी जमीनी दिक्कतों को समझा।
महाराजगंज। डीएम रविंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग करें और बाढ़ संभावित इलाकों में राहत व बचाव की पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में प्रभावित लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए सभी जरूरी संसाधन पहले से तैयार रखें।
आश्रय स्थल पर ताला बंद, बीडीओ व बीईओ को लगाई फटकार
लाटघाट। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार बृहस्पतिवार को हरैया ब्लॉक के हाजीपुर प्राथमिक विद्यालय स्थित आश्रय स्थल पर दोपहर लगभग ढाई बजे पहुंचे। आश्रय स्थल पर पहुंचते ही उन्हें विद्यालय का ताला बंद मिला, जिससे नाराज होकर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने बीडीओ हरैया जितेंद्र कुमार मिश्रा को फटकारते हुए कहा कि जब आश्रय स्थल की पूर्व सूचना दी गई थी, तो खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अशोक कुमार की उपस्थिति क्यों सुनिश्चित नहीं कराई गई। डीएम ने तत्काल बीईओ को बुलाने का निर्देश दिया और इसे बीडीओ की घोर लापरवाही करार दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए विद्यालय की तीन चाबियां बनाई जाएं और ये प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान व लेखपाल के पास रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसे आपातकालीन समय में आश्रय स्थलों का सक्रिय रहना बेहद आवश्यक है, ताकि किसी भी स्थिति में प्रभावितों को तत्काल सहायता मिल सके।