आजमगढ़। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले अभ्यर्थियों की मनमानी नहीं चलेगी। अब उन्हें कैमरे की नजर में ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। घर बैठे ऑनलाइन टेस्ट के हो रहे दुरुपयोग पर रोक लगाते हुए परिवहन विभाग ने टेस्ट के दौरान कैमरा जरूरी कर दिया है। परीक्षा के दौरान थोड़ी भी अनियमितता की आशंका होने पर सिस्टम ही अभ्यर्थी को फेल कर देगा। रोजाना करीब 8 से 10 मामले सामने आ रहे हैं, जो ऑनलाइन परीक्षा के दौरान फेल हो रहे हैं।
दरअसल, अभ्यर्थियों ने शासन की सुविधा का मजाक बना दिया है। दलाल भी इसे कमाई का जरिया बना लिए हैं। घर बैठे आनलाइन टेस्ट की व्यवस्था में कोई फेल नहीं हो रहा था। आनलाइन आवेदन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दलाल खुद टेस्ट देकर अभ्यर्थियों को पास करा दे रहे हैं। टेस्ट के दौरान वे कैमरे का आप्शन बंद कर देते हैं। ऐसे में आवेदन करने वाले शत-प्रतिशत अभ्यर्थी पास हो जा रहे थे। जबकि, परिवहन विभाग पहुंचकर टेस्ट देने वाले 30 प्रतिशत अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं। लेकिन अब टेस्ट के दौरान किसी भी दशा में सिस्टम का कैमरा बंद नहीं होगा। परिवहन विभाग ने सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया है। यदि कोई भी संदिग्ध मिलता है तो सिस्टम खुद उसे फेल कर देता है। ऐसे में प्रतिदिन आठ से दस अभ्यर्थी फेल हो रहे हैं। आरआई पवन सोनकर ने बताया कि परिवहन विभाग ने सिस्टम को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया है। अब आशंका होने पर सिस्टम खुद ऐसे अभ्यर्थी को फेल कर देगा। प्रतिदिन आठ से दस मामले सामने आ रहे हैं। अब इसमें कोई भी घालमेल नहीं कर सकेगा।