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बजट के अभाव में घरों तक नहीं पहुंच पाया पेयजल

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आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत जनपद के छह गांवों में पाइप पेयजल योजना का शुभारंभ हुआ था। योजना में चयनित गांव के लोगों को आस जगी कि अब जल्द ही घरों तक पानी पहुंच जाएगा। योजना की पहली किस्त में गांवों में पानी टंकी का निर्माण हो गया। पानी सप्लाई के लिए पाइप भी बिछा दी गई लेकिन दूसरी किस्त न आने के कारण सभी गांवों में पाइप पेयजल योजना का काम रूक गया है। अब पानी की ऊंची- ऊंची टंकियां गांव की शोभा बढ़ा रही हैं।
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केंद्र सरकार की पाइप पेयजल योजना के तहत अल्प संख्यक विभाग ने पांच वर्ष पूर्व सर्वे कर छह गांवों की सूची शासन को उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पेयजल योजना को पूरा करने के लिए चकसिक्टी में 487.94 लाख, मुबारकपुर में 432.06, खुदादादपुर में 142.05 लाख, जमुड़ी में 418.60 लाख, गजहड़ा में 499.78 लाख व आदमपुर में 244.48 लाख की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई। पहली किस्त में चकसिक्टी को 225.00 लाख, मुबारकपुर को 329.50 लाख, खुदादादपुर को 71.04 लाख, जमुड़ी को 209.30 लाख, गजहड़ा को 249.90 लाख और आदमपुर को 122.22 लाख रुपये अवमुक्त हुए। बजट मिलने के बाद जल निगम ग्रामीण द्वारा पानी टंकी का निर्माण, घ्ररों तक पाइप बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सब कार्य होने के बाद शासन द्वारा करीब डेढ़ साल से योजना की दूसरी किस्त नहीं भेजी गई। जिसके कारण आगे का काम रूक गया। योजना के तहत चयनित सभी गांवों में समय से काम पूरा कराने के लिए अल्पसंख्यक विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से कई बार शासन को पत्र भेजा लेकिन शासन द्वारा दूसरी किस्त का बजट उपलब्ध नहीं कराया गया। अगर दूसरी किस्त का बजट आ गया होता तो टंकी में पानी भरने के लिए ट्यूबवेल, ट्रांसफार्मर व बिजली का कनेक्शन ले लिया गया होता और लोगों के घरों तक पाइप से जल भी पहुंच गया होता। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने बताया कि योजना का काम कई महीने से बजट के अभाव में रूका हुआ है। बजट के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया लेकिन बजट नहीं मिला। बजट मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
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