मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। गर्मी और सर्दी के बीच तापमान में बदलाव से बच्चे जुकाम, सूखी खांसी और गले में खराश की चपेट में आ रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि रोजाना लगभग 300 बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 30 प्रतिशत बच्चे जुकाम और सूखी खांसी से परेशान मिल रहे हैं।
उन्हें जांच के बाद दवाएं देने के साथ ही अभिभावकों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम बदलने पर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो जाती है।
कई बच्चों में सूखी खांसी रात के समय अधिक परेशान कर रही है। कुछ बच्चों को गले में खराश, नाक बहना और हल्का बुखार भी हो रहा है। उन्होंने अभिभावकों को बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं नहीं देने की सलाह दी है।
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बरतें यह सावधानी
बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं।
अचानक ठंडे-गर्म वातावरण में जाने से बचाएं।
धूल, धुआं और प्रदूषण से बच्चों को दूर रखें।
बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और गुनगुने तरल पदार्थ दें।
हाथों की नियमित सफाई की आदत डालें।
खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने के लिए कहें।
जुकाम-खांसी से पीड़ित व्यक्ति के नजदीक जाने से बचाएं।