आन लाइन दवा की बिक्री के विरोध में आल इंडिया केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन के भारत बंद के आह्वान पर बुधवार को जनपद की समस्त दवा की दुकानें बंद रहीं। दुकानें बंद कर दवा व्यवसायियों ने नगर में जुलूस निकाला और हर्रा की चुंगी पर प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के महामंत्री रंजन राय ने कहा कि आनलाइन दवा की बिक्री के लिए किसी भी प्रारूप में ई-फार्मेसी द्वारा की जाने वाली गतिविधियां ना सिर्फ अवैध हैं बल्कि ड्रग और कास्मेटिक एक्ट 1940 का सरासर उल्लंघन है। ड्रग सलाहकार समिति और अन्य कई समितियों ने विभिन्न माध्यमों और मंचों से वर्तमान कानून के तहत आन लाइन बिक्री को अवैध माना है। ठोस तथ्यों के बावजूद भी संबंधित विभाग द्वारा ऐसी आन लाइन दवा की बिक्री करने वाले के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। दवा की दुकानें डाक्टर के द्वारा लिखी दवाइयों को मरीज को उपलब्ध कराते हैँ। जो कि दवा कंपनियों द्वारा पैक्ड कंडीशन में मेडिकल स्टोर्स पर विभिन्न माध्यमों में उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें दवा व्यापारी का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
पहले फार्मेसी या क्लीनिक पर विभिन्न कंपाउंड के मिश्रण द्वारा सिरप तैयार किया जाता था और मरीजों केे दिया जाता था। वर्तमान में यह स्वरूप बदल गया है। महामंत्री रंजन राय के नेतृत्व में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर मोटर साइकिल जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर सुब्रत सरकार, हरिशर्मा, भोला, राजन, इरफान, मोहम्मद आसिफ, महेश राय, सिद्घार्थ अग्रवाल, टिंकू अग्रवाल, विमल राय, सुजीत कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
लालगंज : स्थानीय बाजार में स्थित सभी मेडिकल स्टोर पूर्ण रुप से बंद रहे। मेडिकल संचालकों ने सौरभ मेडिकल पर इकटठा होकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों को दवा के क्षेत्र में आनलाइन बिक्री करने की अनुमति देने का विरोध किया।
इस मौके पर राजकपूर शुक्ला, रामअवतार बरनवाल, राजीव गुप्ता, अमीर अहमद, कृष्ण चंद माथुर, देवेंद्र नाथ, अवनींद्र गिरी, कृपासागर गुप्ता आदि मौजूद थे।