फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: ठंड में कम पानी पीने से बढ़ रहा डीहाइड्रेशन का खतरा, ओपीडी में रोज आ रहे 35 मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से ठंड बढ़ती जा रही है। ठंड के कारण लोगों को प्यास कम लग रही है, जिसके चलते लोग बहुत कम पानी पी रहे हैं। इससे लोगों में डीहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में रोजाना 120 से 130 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 30 से 35 मरीज डीहाइड्रेशन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड में शरीर को पानी की जरूरत गर्मी के मौसम जितनी ही होती है, लेकिन प्यास न लगने के कारण लोग कम पानी पी रहे हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो जा रही है। ठंड में कम पानी पीने से चेहरा शुष्क (सूखा) और बेजान दिखने लगता है। होंठ फट जाते हैं, त्वचा में खिंचाव आता है। इसके अलावा शरीर में थकान, सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसलिए ठंड के मौसम में भी शरीर को पहले जैसे ही पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। लोगों को ठंड के मौसम में भी हर दो घंटे में एक गिलास पानी पीना चाहिए। शरीर में पर्याप्त पानी होने से डीहाइड्रेशन के साथ ही अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
विज्ञापन

डॉक्टर की सलाह
- ठंड में कम से कम ढाई लीटर पानी जरूर पीएं।
- नार्मल पानी न पी पाएं तो गुनगुना पानी पीएं।
- नारियल पानी, छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं।
- डीहाइड्रेशन के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें