आजमगढ़। एक अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अमर उजाला की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में कोई भी स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करके हम जहां हम खुद को स्वस्थ रखते हैं वहीं हमारे एक यूनिट रक्त से कई लोगों की जान बचती है। एक यूनिट रक्तदान करके आप तीन लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। रक्त की कमी को रक्त देकर ही पूरा किया जा सकता है। रक्तदान करने से हमें किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। कोई भी स्वस्थ महिला जो गर्भवती न हो और ना ही किसी बीमारी ग्रसित हो वह रक्तदान कर सकती है। इसलिए महिलाओं को भी चाहिए कि वह रक्तदान करें। किसी व्यक्ति की रक्त की अहमियत का अंदाजा तब होता है जब उसे इसकी जरूरत पड़ती है। वह इधर-उधर दौड़ता रहता हे लेकिन उसे रक्त नहीं मिलता है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेकर रक्तदान करना चाहिए कि हम रक्त की कमी से किसी की मौत नहीं होने देंगे। रक्तदान से पुनीत कार्य इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं है।
दुनिया में आज तक रक्त का कोई विकल्प नहीं है। रक्त का विकल्प सिर्फ रक्त ही हो सकता है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग समय पर रक्त न मिलने के कारण अपने प्राण त्याग देते हैं। ऐसे में जरूरत है कि हर कोई रक्तदान करे ताकि किसी की रक्त की कमी से जान न जाने पाए। - श्रीकृष्ण गोपाल सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।