उत्तर प्रदेश के चिकित्सकों का मानसिक शोषण ही नहीं, अब उन पर ज्यादती होने लगी है। इसे देखते हुए आईएमए यूपी के पास अब आंदोलन के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उक्त बातें आईएमए के अध्यक्ष डा. निर्मल श्रीवास्तव ने रविवार को मिशन अस्पताल परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में डा. रोहित गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपी रिहा हो चुके हैं क्योंकि उनके खिलाफ उपयुक्त मामला दर्ज नहीं किया गया था। पुलिस ने आंदोलन में शामिल चिकित्सक पर केस दर्ज किया गया।, जिसे तुरंत हटाया जाए और केस को दुबारा परिशोधित कर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए।
गाजीपुर में डा. राजेश सिंह और पत्नी अनुपमा सिंह पर दर्ज एफआईआर को तुरंत हटाया जाए। कानपुर की डा. आरती लाल चंदानी का निलंबन तत्काल रोका जाए आदि मांगों को लेकर संगठन ने आठ मई को आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आठ मई को आईएमए के सभी चिकित्सक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे।
सुबह नौ बजे गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मौन जुलूस निकाला जाएगा, जो गांधी प्रतिमा से निकलकर कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पहुंचेगा। जहां चिकित्सकों द्वारा धरना दिया जाएगा। इसके बाद मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा।
इस मौके पर सचिव डा. अशोक सिंह, डा. अमित सिंह, डा. नंदलाल यादव, डा. हेमबाला यादव, डा. स्वास्ति सिंह, डा. विपिन यादव, डा. एके सिंह, डा. आरएस यादव, डा. अफजाल, डा. अजीत पांडेय, डा. अंशुमान राय आदि उपस्थित थे।