आजमगढ़। रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत चयनित मंदुरी हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में बदलने का काम पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य पूरा करने का प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। अधूरी बाउंड्री और हवाई पट्टी का विस्तार पहले ही हो चुका है। 16 सिंतबर को स्कीम के तहत चयनित सभी हवाई अड्डों की शासन की ओर से समीक्षा की जाएगी। इसके लिए लोकभवन में बैठक बुलाई गई है। बैठक में परियोजना की डीपीआर के सापेक्ष प्रगित आख्या फोटो के साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद उड़ान के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।
समीक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुरेंद्र सिंह ने राजकीय निर्माण निगम, एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत चयनित आजमगढ़, अलीगढ़, श्रावस्ती और मुरादाबाद के हवाई अड्डों के विकास की समीक्षा की जाएगी। बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे से लखनऊ के लोक भवन में होगी। लखनऊ से बाहर के सभी अधिकारी इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेंगे। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से हवाई अड्डे पर डीपीआर के सापेक्ष कराए गए कार्यों का फोटो के माध्यम से प्रजेंटेशन दिया जाएगा। बैठक में एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। हम शासन को बताएंगे की हवाई अड्डे के विकास संबंधी सभी कार्य पूर्ण करा लिए गए हैं। क्या-क्या कार्य कराए गए हैं इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही मांग की जाएगी कि शासन से शीघ्र सिविल एविएशन की टीम की भेज हवाई अड्डे की निरीक्षण करा लिया जाए और यहां से उड़ान की सुविधा शुरू की जाए।
सभी काम हुए पूरे
स्कीम तक तहत चयनित मंदुरी हवाई अड्डे के विकास संबंधी सभी कार्य पूरे कर लिया गए हैं। हवाईपट्टी की लंबाई बढ़ा कर इसे 1500 मीटर से ज्यादा कर दिया गया है। इसके साथ ही अधूरी बाउंड्री का कार्य पूरा हो चुका है। हवाई पट्टी की अधूरी बाउंड्री को पूरा करने और रनवे की लंबाई बढ़ाने के लिए लिए शासन की ओर से 1.5 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए 2.86 करोड़ रुपये जारी किए थे। विस्तारीकरण के लिए राजकीय निर्माण निगम को लगभग 20 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी। कार्यदायी संस्था की ओर से रनवे, टैक्सी-वे, सब-वे, एटीसी टावर, यात्री प्रतीक्षालय, फायर स्टेशन, मिट्टी भराई आदि का कार्य पूरा कर लिया गया है। कार्य पूरा होने के बारे में जिला प्रशासन को लिख कर भी दे दिया गया। हवाई अड्डे के पास स्थित एक मकान में भी आंशिक संशोधन किया जाना है। मुख्य राजस्व अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि मकान की ऊंचाई 160 सेमी कम करनी है। इसके लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन से धनराशि जारी होने के बाद इसे भी जल्द ही पूर्ण कराया जाएगा।
10 अगस्त तक काम पूरा करने के मिले थे निर्देश
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) योजना के तहत बनाए जाने वालो मंदुरी एयरपोर्ट के सितंबर तक विमानों के आवागमन के लिए तैयार हो जाने की पहले से उम्मीद जताई जा रही थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कार्यदायी संस्था को 10 अगस्त तक काम पूरा करने का निर्देश दिया था। कार्य पूर्ण होने की दशा में ये समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। लाइसेंसिंग के लिए पहले ही आवेदन हो गया था।
घरेलू हवाई मार्ग पर संचालित होंगे विमान
रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत बनने वाले हवाई अड्डे से घरेलू हवाई मार्ग पर ही विमान संचालित किए जाने हैं। आजमगढ़, मऊ, बलिया के साथ ही अंबेडकरनगर, देवरिया से काफी संख्या में लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं। उड़ान योजना प्रारंभ हो जाने से वे आजमगढ़ से सीधे वाराणसी, लखनऊ या मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आगे की यात्रा आसानी से कर पाएंगे।
उद्योग को भी लगेंगे पंख
जनपद में मंदुरी हवाई अड्डे के अलावा फोरलेन के वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233, सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के साथ ही आजमगढ़-जौनपुर-प्रयागराज और आजमगढ़-मऊ मार्ग का भी चौड़ीकरण का कार्य चल रहे है। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने के बाद जनपद की कनेक्टिविटी काफी अच्छी होने वाली है। ऐसे स्थिति में आजमगढ़ उद्योग को लेकर काफी सुलभ होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे दो किमी गुणे दो किमी के रेडियस में इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि की उपलब्धता भी मांगी गई है। सभी योजनाएं परवान चढ़ी तो स्थानीय लोगों को रोजगार की तलाश में जनपद में से बाहर जाने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। हालांकि इसके लिए अभी उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा।
मंदुरी हवाई अड्डे पर बनाया गया फायर स्टेशन।- फोटो : AZAMGARH
मंदुरी हवाई अड्डे पर बनाया गया एटीसी टावर।- फोटो : AZAMGARH
मंदुरी हवाई अड्डे पर बनाई गई टर्मिनल का इमारत।- फोटो : AZAMGARH