पुलिस लाइन गेट पर तैनात पुलिस।
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आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह ने कहा कि बिलरियागंज के जौहर पार्क को कुछ लोग दिल्ली का शाहीन बाग बनाने को अमादा थे। प्रशासन का मानना है कि इसकी पूरी साजिश रची गई थी। इसके पीछे मुख्य रूप से राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल और कुछ अन्य बड़े लोगों को माना जा रहा है। पुलिस ने ओलमा काउंसिल के मौलाना ताहिर मदनी को गिरफ्तार भी किया है। बिलरियागंज में एक सप्ताह तक धरने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी लेकिन अनुमति नहीं दी गई थी।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रेस वार्ता के दौरान डीएम एनपी सिंह ने कहा कि बिना अनुमति के पहले धरना शुरू किया गया। कई बार महिलाओं को धरना खत्म करने के लिए समझाया गया। मुस्लिम नेताओं और धर्मगुरुओं को भी आगे किया गया। ओलमा काउंसिल के ताहिर मदनी ने भी समझाया लेकिन ये सब पहले से सोची समझी साजिश के तहत ही था। सपा विधायक नफीस अहमद ने भी धरना खत्म करने के लिए अपील की। बार-बार धरना खत्म करने का आश्वासन देने के बाद भी इसे जारी रखा गया। समझाने पर कुछ महिलाएं और छात्राएं वापस जा रही थीं लेकिन पीछे गलियों में खड़े युवा उन्हें जबरदस्ती वापस धरने पर बैठने के लिए भेज दे रहे थे। ऐसे करीब करीब डेढ़ हजार युवा गलियों में जमा थे। पुलिस ने युवाओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो उन्होंने पथराव कर दिया गया तब पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस बात का ध्यान रखा गया कि किसी भी महिला को चोट न पहुंचे। सिर्फ युवाओं को ही खदेड़ा गया।
पीएफआई से किया इंकार
सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों में पीएफआई के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि एसपी त्रिवेणी सिंह ने जिले में इस संगठन का आधार होने से साफ इंकार किया। साजिश के पीछे मुख्य रूप से राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल का ही नाम लिया।
सौहार्द की अपील
डीएम के साथ ही एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि बिलरियागंज का माहौल देखते हुए मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की आपसी सौहार्द बरकरार रखें। कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश न करें।
बिलरियागंज में सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पथराव के बाद बाजार में तैनात पुलिस अधिकारी।- फोटो : AZAMGARH