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जिले को आंकड़ों से ही बना रहे ओडीएफ

Wed, 12 Sep 2018 11:25 PM IST
azamgarh
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ओडीएफ की जांच करते नितिन त्रिपाठी के नेतृत्व में आई जांच टीम।
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 दो अक्तूबर को जनपद को ओडीएफ कराने के दबाव को देख अब अधिकारी और कर्मचारी कागजी फर्जीवाड़े में जुटे हैं। गलत सूचनाएं देनी शुरू कर दी गई हैं। जनपद के छह निकायों ने अपने सभी वार्डों को ओडीएफ घोषित कर इसकी सूचना डीएम को भी दे दी थी। वहीं, मंगलवार को मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए भेजी सूचना में शामिल इन्हीं निकायों में सैकड़ों शौचालय अधूरे मिले। इन निकायों में सार्वजनिक और पिंक शौचालयों का निर्माण भी नहीं कराया गया है। बिना शौचालय बने ही ये निकाय ओडीएफ घोषित हो गए हैं।  लक्ष्य को पूरा करने के लिए रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा है। तारीख नजदीक आने के साथ ही शासन से दबाव भी बढ़ता जा रहा है।  इससे बचने के लिए अब कागजी फर्जीवाड़ा भी शुरू कर दिया  है। कार्रवाई से बचने के लिए उच्च अधिकारियों को अब गलत सूचनाएं देनी शुरू कर दी गई हैं।  जनपद के 13 निकायों में नगर पालिका आजमगढ़ ने 25 वार्डों में 23, नगर पंचायत अजमतगढ़ 11 वार्डों में 10, सरायमीर ने 13 वार्डों में 13,  माहुल ने 11 वार्डों में नौ, अतरौलिया ने 11 वार्डों में 11 और मेंहनगर ने 12 वार्डों में 12 वार्डों को ओडीएफ घोषित कर दिया है। इसकी सूचना भी जिलाधिकारी को भेज दी गई थी।
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11 सितंबर को प्रदेश के मुख्य सचिव कमिश्नर और डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करने वाले थे। इसके लिए सभी निकायों से भी सूचना मांगी गई थी। इसमें दिखाया गया कि नगर पालिका आजमगढ़ में व्यक्तिगत शौचालयों के पुनरक्षित लक्ष्य 2557 के सापेक्ष अभी तक 1311 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 1246 शौचालय निर्माणाधीन हैं। कई सार्वजनिक और पिंक शौचालय भी अभी   बनने हैं।
नगर पंचायत अजमतगढ़ में व्यक्तिगत शौचालयों के पुनरक्षित लक्ष्य 708 के सापेक्ष अभी तक 318 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 390 शौचालय निर्माणाधीन हैं। नगर पंचायत सरायमीर में लक्ष्य 619 के सापेक्ष 397 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 222 शौचालय निर्माणाधीन हैं। नगर पंचायत माहुल में लक्ष्य 765 के सापेक्ष 354 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 411 शौचालय निर्माणाधीन हैं। नगर पंचायत अतरौलिया में लक्ष्य 759 के सापेक्ष 326 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 433 शौचालय निर्माणाधीन हैं। नगर पंचायत मेंहनगर में लक्ष्य 1170 के सापेक्ष 543 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया था। अभी 627 शौचालय निर्माणाधीन हैं। इसके बाद भी इन निकायों की ओर से लगभग सभी वार्डों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से पहले ही दोनों रिपोर्ट एक साथ जिलाधिकारी के पास पहुंचने से कागजी फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। गौरतलब है कि फर्जीवाड़े में पकड़े गए छह निकायों में कई में सार्वजनिक शौचालयों का लक्ष्य और प्रगति शून्य दिखाई गई है। यदि इन निकायों मेङं ये शौचालय बने ही नहीं हो तो निकाय ओडीएफ कैसे होगा ये समझ से बाहर है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को कागजी नहीं जमीन पर कार्य करने के निर्देश   दिए थे।
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इनसेट
शौचालयों की जांच, देखे अभिलेख
लालगंज। कटघर-लालगंज नगर पंचायत की ओर से अपने सभी वार्डों को ओडीएफ घोषित किया गया है। ओडीएफ की जांच के लिए बुधवार को केंद्रीय सरकार की टीम क्यूसीआई नितिन त्रिपाठी के नेतृत्व में सुबह आठ बजे नगर पंचायत कार्यालय पहुंची। ओडीएफ से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। शहरी विकास मंत्रालय की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने ओडीएफ संबंधित सभी अभिलेखों की जांच की। व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालय और विभिन्न विद्यालयों बने शौचालयों की जांच की। इसी के साथ ही विभिन्न वार्डों में स्थानीय लोगों के बयान भी लिए। बताया कि रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
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