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Azamgarh News: मेंहनगर के ठोठिया गांव में फैली बीमारी, उल्टी-दस्त से युवती की मौत, 18 बीमार

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मेंहनगर क्षेत्र के ठोठिया गांव में पहुंची जिला अस्पताल की टीम जांच करती टीम। संवाद
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर क्षेत्र के ठोठिया गांव में मंगलवार की रात उल्टी-दस्त से अंतिमा (20) पुत्री तीरालाल की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि मंती देवी (58) का उपचार जौनपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
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उधर, घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया और बुधवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम गांव में पहुंची, जहां करीब डेढ़ दर्जन लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों का उपचार शुरू कराया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की जांच में अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि उक्त लोग किस बीमारी से जूझ रहे हैं।
ठोठिया गांव में दो-तीन दिनों से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही थी। लोग इसे मौसम का बदलाव मान रहे थे। मंगलवार की रात अंतिमा को अचानक उल्टी-दस्त होने लगी।
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प्राथमिक उपचार के बाद उसे लालगंज स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उसे रेफर किया गया। बाद में वाराणसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गांव में ममता (30), प्रीति (27), कुमार सनाप (25), तेतरी (45), आराध्या (15), राजपत (70), निर्जला (32), रीता (60), प्रमिला (52), आंचल (23), लक्ष्मी (22) और दीपचंद सनाप (85) सहित करीब डेढ़ दर्जन लोगों में उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए।
टीम ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं और लोगों को स्वच्छ पानी पीने व साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी। गंभीर लक्षण मिलने पर ममता, मंती देवी, आराध्या और राजपत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत में सुधार होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आवश्यक दवाओं के साथ घर भेज दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है और संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे भी कराया जा रहा है। सीएमओ डा. एनआर वर्मा ने बताया कि बीमारी के कारणों की जांच की जा रही है।
पानी के नमूने और अन्य आवश्यक सैंपल लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों से उबला या शुद्ध पानी पीने, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने और किसी भी प्रकार के उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अजीजी के नेतृत्व में तीन चिकित्सकों की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है।
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गांव में पेयजल, खानपान और संभावित संक्रमण के स्रोतों की जांच की जा रही है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा का छिड़काव और निगरानी का कार्य जारी है। जिन मरीजों को भर्ती की आवश्यकता है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि अन्य मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
-डॉ. अजीजी, डिप्टी सीएमओ।
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सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया और जरूरतमंद मरीजों का उपचार किया। प्रथम दृष्टया कुछ मरीजों में कॉलरा जैसे लक्षण मिले हैं, लेकिन बीमारी की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे गांव की लगातार निगरानी कर रहा है। -डॉ. जैनेंद्र मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक मेंहनगर।
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प्रभावित परिवार व आसपास के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। फूड प्वाइजनिंग की आशंका है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस पैकेट और आवश्यक दवाइयों का वितरण कराया गया है। गांव में मेडिकल टीम तैनात कर दी गई है, जो लगातार स्वास्थ्य निगरानी के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा भी दे रही है। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।
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हैंडपंप का पानी पी रहे थे परिवार
मेंहनगर। शासन की तरफ से दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों को देखते हुए चार नंबर हैंडपंपों को बंद कर दिया गया है, पर इसके बावजूद विकास खंड के ठोठिया गांव में धड़ल्ले से चार नंबर हैंडपंप का पानी गरीब परिवार पीने को मजबूर थे। बरसात के सीजन में ग्राउंड वाटर लेवल ऊपर आ जाने के चलते छोटे हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. अजीजी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह परिवार छोटे हैंडपंप का पानी कुछ दिन से पी रहे थे। प्रथम दृष्टया इसी पानी के पीने से बीमार होने की आशंका है। पानी को जांच के लिए भेजा गया है।
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स्वास्थ्य टीम ने किया ये काम-
50 घरों का सर्वे कर विभाग ने सभी को ओआरएस पैकेट वितरित किए।
डायरिया और फूड प्वाइजनिंग की जांच की गई, लेकिन कोई रोगी नहीं मिला।
बुखार के रोगियों का चिह्निकरण और खून जांच किया गया। पैरासिटामोल टेबलेट वितरित किया गया।
मच्छरों के लिए लार्विसीडल का छिड़काव करवाया गया।
क्लोरीन की टैबलेट का वितरण किया गया।
साफ-सफाई से रहने, मच्छरों से बचाव और साफ जल व स्वच्छ खाने के विषय में जागरूक किया गया।
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