आजमगढ़। कोविड-19 के लिए महामृत्युंजय डेंटल कालेज में स्थापित एल-वन अस्पताल में दुर्व्यवस्था का अंबार लगा हुआ है। एक तो शौचालय में दरवाजे नहीं हैं तो कक्षों में पंखे भी नहीं चल रहे हैं। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज काफी परेशान हैं और मोबाइल पर अपना दुखड़ा रो रहे हैं।
कोविड के मरीजों के इलाज के लिए जो त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। इसके तहत एल-1, एल-2 व एल-3 अस्पताल बनाए जाने हैं। जिले में एल-1 व एल-3 की तो व्यवस्था हो चुकी है लेकिन अब तक एल-2 अस्पताल नहीं बने है। एल-1 के रूप में सीएचसी कोल्हुखोर, 100 शैय्या तरवां व महामृत्युंजय डेंटल कालेज को चिह्नित किया गया है। वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को महामृत्युंजय डेंटल कालेज पर बने एल-1 अस्पताल में रखा जा रहा है। यहां दुर्व्यव्यवस्थाओं का अंबार है। शौचालय के साथ ही वार्डो में भी गंदगी है तो वहीं शौचालय के दरवाजे भी नहीं है। इतना ही नहीं कई कक्षों में पंखे तक नहीं चल रहे है, जिसके चलते इस भीषण गर्मी में वहां भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। नाम न छापने के शर्त पर कई कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने फोन पर आना दुखड़ा रोया और शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने की बात कही। इतना ही पॉजिटिव मरीजों को पौषिट भोजन के नाम पर मसालेदार सब्जी व पूड़ी उपलब्ध कराई जा रही है। इसे लेकर भी मरीजों को परेशानी है। सादा भोजन न उपलब्ध होने से कई मरीज तो एक टाइम ही भोजन कर रहे है।
एल-1 अस्पताल में शुरूआत में कुछ दिक्कत थी, जिसे अब ठीक करा दिया गया है। शौचालय की प्रतिदिन साफ-सफाई हो रही है। टूटे दरवाजे को बदलवा दिया गया है। जहां तक पंखा न चलने की बात है तो इसकी जानकारी नहीं है। इस कमी को भी तत्काल ठीक करा दिया जाएगा। एल-1 में भर्ती किसी भी मरीज को परेशानी नहीं होगी, सभी के समस्या का समाधान कराया जाएगा। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़