देवारावासियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। घटने के बाद एक बार फिर घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी डिघिया नाले पर खतरा बिंदू से छह सेमी नीचे बह रही है। वहीं, टेकनपुर रेगुलेटर नंबर पांच में रिसाव हो रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
जनपद की उत्तरी सीमा को छूकर निकलने वाली घाघरा एक बार फिर देवरांचल में तबाही मचाने को तैयार है। नदी का जलस्तर दो दिनों से तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.23 मीटर और डिघिया नाले पर 70.26 मीटर दर्ज किया गया। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार की सुबह बदरहुंआ नाले पर नदी के जलस्तर में 25 सेमी और डिघािया नाले पर 28 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
शुक्रवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 71.24 मीटर और डिघिया नाले पर 70.40 मीटर दर्ज किया गया। डिघिया नाले पर नदी खतरा बिंदू से छह सेमी नीचे बह रही है। जबकि बदरहुंआ में नदी खतरा बिंदू से 44सेमी नीचे बह रही है। वहीं, टेकनपुर रेगुलेटर पांच से रिसाव शुरू हो गया है। इसे देख ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
अभी तक परसिया, गांगेपुर, मानिकपुर, नैनीजोर और खरैलिया के रेगुलेटरों की मरम्मत नहीं हुई। जलस्तर बढ़ने के साथ ही शाहडीह, मानिकपुर, सोनौरा, बांका, ब़ूढ़नपट्टी, अजगरा, मगर्वी, मसर्की, नैनीजोर, बगहवा आदि गांवों के लोगों को महुला गढ़वल बांध पर आने के लिए नाव की आवश्यकता है। जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गई है।
अभी नाव की आवश्यकता कहीं पर महसूस नहीं की जा रही है। जैसे ही महसूस होगी, नाव उपलब्ध करा दी जाएगी। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हमारी सारी तैयारियां पूरी हैं। - शिवधर चौरसिया, तहसीलदार