फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डग्गामार वाहनों से जान पड़ी सांसत में

Sun, 27 Mar 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
डग्गामार वाहनों
विज्ञापन
शाम होते ही बूढ़नपुर बाजार से अहरौला जाने के लिए यात्रियों की धड़कनंे बढ़ जाती हैं क्योंकि शाम छह बजे तक यहां से अहरौला के लिए कोई वाहन नहीं मिलता है। इसके अलावा, यहां पर कोई रैन बसेरा नहीं है। इससे यात्री वाहन न मिलने पर वहां रुक सके। इसका परिणाम यह रहता है कि डग्गामार वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं।
विज्ञापन


बूढनपुर बाजार से अहरौला जाने के लिए यात्रियों की शाम होते ही दिल की धड़कन बढ़ जाती है। बूढनपुर तहसील मुख्यालय होने के नाते लोगों का यहां आना-जाना लगा रहता है। तहसील में किसी काम से लेट हो जाने के कारण लोगों को यहीं रात काटनी पड़ती है। क्योंकि इस रोड पर डग्गामार वाहन ही चलते हैं। जिनकी मनमानी के चलते यात्रियों की दुर्दशा हो जाती है। शाम होते ही वाहन स्टैंड पर खड़ा कर मनमाने तरीके से भाड़ा मांगते हैं।

बता दें कि बूढनपुर से अहरौला की दूरी लगभग 14 किमी है। यहां का भाड़ा मात्र 20 रुपया है लेकिन शाम होते ही स्टैंड का नजारा बदल जाता है। शाम को वाहन चालक प्रति यात्रियों के हिसाब से 300 रुपये वसूलते हैं। अगर एक ही व्यक्ति हो तो उससे 800 से लेकर 1200 रुपये में आटो तय किया जाता है।
विज्ञापन


जल्दी घर पहुंचने के लिए लोग वाहन में ठूंसकर जाते हैं। बहरोकोठी निवासी मनोज दूबे ने कहा कि शाम हो जाने के बाद घर जाने के लिए किसी को घर से बुलाना पड़ता है। यदि घर पर कोई पुरुष सदस्य नहीं है तो भारी-भरकम किराया देकर ही घर जा सकते हैं। अहरौला निवासी रमेशचंद्र पांडेय ने बताया कि काम से देर शाम हो जाने के बाद बूढनपुर से अहरौला के लिए साधन के अभाव के चलते किसी रिश्तेदार या मित्र के यहां रात बितानी पड़ती है। अगर कोई बस चलती तो चालकों की मनमानी समाप्त हो जाती। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें