फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबकी जुबां पर बातें िवकास की

Thu, 09 Feb 2017 12:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
सबकी जुबां पर बातें वकास की
विज्ञापन
जिले की 10 विधानसभा सीटों में फूलपुर एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र रहा है, जहां भाजपा का कभी खाता ही नहीं खुला। इस क्षेत्र के कांग्रेस नेता रहे रामनरेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री और जीवन के अंतिम समय में मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे। उनके नाम से फूलपुर पवई पूरे देश में जाना जाता था। इस बार के विधानसभा चुनाव में रामनरेश यादव के पुत्र अजय नरेश राष्ट्रीय लोकदल से मैदान में हैं।
विज्ञापन


जिले दक्षिण दिशा में स्थित फूलपुर पवई की मिट्टी राजनीतिक रूप से उपजाऊ रही है। यहां के लोगों ने 1996 और 2002 में कांग्रेस के रामनरेश यादव को जीताकर विधानसभा में भेजा। स्वच्छ छवि और सहज व्यवहार के चलते रामनरेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और जीवन के अंतिम चरण में मध्यप्रदेश के राज्य पाल रहे। बीते वर्ष उनका निधन हो गया। इसके बाद सपा और बसपा के टिकट पर भी कई विधायक चुके गए लेकिन क्षेत्र की दशा नहीं सुधरी है।

अचार बनाने में इस्तेमाल लाल मिर्च की खेती यहां बड़े पैमाने पर होती है। इसे लाल सोना के नाम से लोग जानते हैं लेकिन लाल मिर्च के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास नहीं किया गया। यातायात सुविधा की दृष्टि से क्षेत्र में रोडवेज और रेलवे का पर्याप्त साधन है। विधानसभा क्षेत्र के दीदारगंज रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं रुकती हैं लेकिन इसके लिए किसी ने आवाज नहीं उठाई।
विज्ञापन


आजादी के बाद हुए चुनाव में फूलपुर क्षेत्र से पहले विधायक के रुप में रामबचन यादव का चुनाव हुआ जिन्होंने दो बार लगातार क्षेत्र के प्रतिनिधित्व किया। लेकिन तीसरी बार कायस्थ बिरादरी के मुंशी दौलत लाल सोसलिस्ट पार्टी के बैनर तले झंडा फहराया। लेकिन इसके ठीक अगले चुनाव 1967 में रामबचन यादव पुन: कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ कर भारतीय क्रांतिदल में चले गए। वहीं 1980 में कांग्रेस के टिकट पर अबुल कलाम चुनाव जीते। यहां रमाकांत यादव तीन बार विधायक रहे हैं। क्षेत्र में सभी पार्टियां विकास की बात कह रही हैं। सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी यहां के विकास की बातों को मुद्दा बनाकर सामने आ रहे हैं।

फूलपुर पवई की धरती ने रामनरेश यादव जैसे नेता को जन्म दिया। कांग्रेस नेता रामनरेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे हैं। इसके अलावा सपा, बसपा के नेताओं ने भी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया लेकिन क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। गांवों में अच्छी सड़कें, सीसी रोड नहीं है। क्षेत्र में कोई उद्योग धंधा नहीं है जिससे बेरोजगारों को राहत नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें