14 : अहरौला क्षेत्र में तमसा नदी में विसर्जित की गईं प्रतिमाओं के अवशेष।- संवाद
अहरौला। नदियों में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक है इसके बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों की खानापूर्ति से नाराज पूजा समितियों ने तमसा नदी में ही प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया है। इनके अवशेष आज भी तमसा नदी में पड़े हुए हैं। जो नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। वहीं छठ महापर्व में तीन दिन शेष है अभी तक घाटों की सफाई का कार्य भी पूरा नहीं किया गया है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है।
नदियाें बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हाईकोर्ट ने इनमें प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। इसके कारण विगत कई सालों से प्रशासन नदियों के किनारे या खाली स्थानों पर गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराता है। इस बार भी सभी को ऐसा ही करने का निर्देश दिया गया था। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के मतलूबपुर गांव में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने गड्ढा तो खुदवाया लेकिन उसमें पानी भरना भूल गए। दूसरे यह गड्ढा इतना छोटा था कि कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन करते ही भर गया। इसके बाद पूजा समितियों ने प्रतिमाओं का विसर्जन नदी में कर दिया।
खंड विकास अधिकारी अहरौला को तत्काल निर्देश दिए जा रहे हैं कि तमसा नदी के घाटों और नदी की पूरी सफाई सुनिश्चित कराई जाए। इस प्रकार की घोर लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - नंदिनी शाह, एसडीएम बूढ़नपुर।