आजमगढ़। राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के निर्देश पर वसूली प्रमाण-पत्र योजना कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली-2020 पोर्टल पर दर्ज आरसी की समीक्षा के लिए बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई।
इसमें भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूपी ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधक सूचना के बावजूद अनुपस्थित रहे। इस पर अपर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई।
वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक, केनरा, यूको, एचडीएफसी, इंडियन ओवरसीज एवं अग्रणी बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने बैंक प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए कि जिन बैंकों के वसूली प्रमाण-पत्र (आरसी) अभी तक पोर्टल पर अप्राप्त हैं, उन्हें तुरंत जिला संग्रह अमीन कार्यालय (कक्ष संख्या-55) में जमा कराएं, ताकि तहसीलों के माध्यम से ऑनलाइन वसूली की कार्रवाई शीघ्र शुरू की जा सके। बैठक में बैंक प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सभी बैंक आपस में डिफॉल्टरों के अन्य बैंकों में जमा खातों की सूची साझा करें, जिससे कुर्की एवं सीज करने में आसानी हो। साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि तहसील स्तर पर आरसी की वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने प्रस्ताव दिया कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ राजस्व विभाग एवं संबंधित बैंक की संयुक्त टीम गठित कर चिह्नित करने तथा नियमानुसार कुर्की, नीलामी जैसी कार्रवाई कर शीघ्र वसूली की जाए।