आजमगढ़। सरकार के निर्देश पर सभी विभाग अपने-अपने तरीके से अपने विभाग के तहत होने वाले कार्यों में प्रवासियों को काम देने में जुटे हैं। इसी क्रम में उद्योग विभाग की ओर से लगभग 25 प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही उनका डेटा भी फीड किया जा चुका है। वहीं लगभग 150 से 200 प्रवासी श्रमिकों ने लोन के लिए आनलाइन आवेदन किया है। इसकी जांच की जा रही है।
कोरोना काल में दूसरे प्रांतों और जनपदों से कुल एक लाख 70 हजार प्रवासी श्रमिक जनपद पहुंचे हैं। इन प्रवासियों को अपने प्रदेश और घर पर रोकने के लिए सरकार की ओर से इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। इसके लिए जनपद में कार्य करने वाले हर विभाग को अपने -अपने स्तर से रोजगार सृजन करने का निर्देश दिया गया है। उद्योग विभाग की ओर से भी प्रवासी श्रमिकों को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। जिला उद्योग केंद्र की मानें तो मुबाकरपुर में बहुत से बुनकर बाहरी देशों और प्रदेशों से घर आए हैं। घर आते ही 40 से 50 बुनकर अपने बुनकरी के कारोबार में जुट गए हैं। वहीं 20 से 25 संख्या में निजामाबाद कस्बे के कुम्हार लौटने के बाद अपने पुश्तैनी कारोबार में जुट गए हैं। वहीं ऐसे 25 लोग हैं जो विभिन्न फैक्ट्रियों में कार्य कर रहे हैं। उनका डेटा अपलोड किया जा चुका है। विभाग को प्रशासन की ओर से प्रवासियों की जो सूची उपलब्ध कराई गई है उसमें 9000 प्रवासी श्रमिक हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जो सूची उपलब्ध कराई गई है। उसमें से 25 लोगों को रोजगार दिलाकर हम उनका डेटा अपलोड कर चुके हैं। नौ हजार की सूची में लगभग 150 से 200 लोगों ने लोन के लिए आनलाइन आवेदन किया है। इनमें से एक दो लोगों की जांच पड़ताल करने के बाद बैंक को सूची भेजी जा चुकी है। शेष लोगों की जांच पड़ताल फोन के जरिए की जा रही है। जांच पड़ताल पूरी होने के बाद उसे बैंकों को भेज दिया जाएगा। - प्रवीण मौर्य, उपायुक्त उद्योग।
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सभी विभागों द्वारा रोजगार का सृजन कर प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा। मनरेगा के तहत हम लगभग 40 हजार लोगों को पहले ही रोजगार दे रहे हैं। अब उद्योग विभाग द्वारा 25 लोगों को रोजगार दिलाया गया है। आगे हम इसमें और तेजी ले आएंगे ताकि सभी को जल्द से जल्द रोजगार से जोड़ा जा सके। - आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ।