लोकतंत्र रक्षक सेनानी सेवा संस्थान की बैठक बृहस्पतिवार को रोडवेज स्थित कार्यालय में हुई। इसमें 25 जून 1976 को आधी रात में देश में लगे आपातकाल को कालादिवस के रूप में मनाया। लोकतंत्र रक्षक सेनानी डॉ. ज्ञान प्रकाश दूबे ने 12 जून 1975 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जगमोहन लाल सिन्हा द्वारा राजनरायण और इंदिरा गांधी वाले मुकदमे का सिलसिलेवार वर्णन किया।
कहा कि उक्त फैसले से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी घबरा गई थी और 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आपात काल घोषित कर दिया। इससे उस समय के प्रसिद्ध नेता जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, राज नारायण, अटल बिहारी बाजपेयी, चन्द्रशेखर, लाल कृष्ण आडवानी, मुरली मनोहर जोशी, रामधन आदि को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया। पूरे भारत के हर प्रांत में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी हुई, जो 21 मार्च 1977 में जनता पार्टी के गठन और इंदिरा सरकार के पतन के बाद समाप्त हुई। अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष पतिराम यादव ने किया। कार्यक्रम में सभा नारायण राय, इंद्रपाल, बालमुकुंद, रामफेर कांदू, सूर्यनाथ राय, प्रेम बिहारी राय आदि ने भी अपने विचार रखे। संवाद