लोकतंत्र रक्षक सेनानी को गार्ड ऑफ ऑनर देती पुलिस। संवाद
बिलरियागंज। श्रीनगर (सियरहां) निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी नागेंद्र राय का 70 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। वे बीते दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। बुधवार को तिरंगे से लिपटे पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सगड़ी तहसील के बिलरियागंज ब्लाक के श्रीनगर (सियरहां) निवासी नागेंद्र राय ने वर्ष 1975 में देश में लागू आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उस दौर में तत्कालीन सरकार के विरोध के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लगभग आठ महीने तक आजमगढ़ जेल में निरुद्ध रखा गया। बाद में भीषण बाढ़ के चलते उन्हें गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को देखते हुए उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा प्रदान किया गया था। वह बीते दिनों लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने का उपचार के दौरान लगभग 70 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर उमड़ पड़े। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान नायब तहसीलदार सगड़ी संजय राय की उपस्थिति में आजमगढ़ पुलिस लाइन से पहुंची पुलिस गार्ड ने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी दी। इस दौरान भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, नागेंद्र राय तेरा नाम रहेगा जैसे गगनभेदी नारे लगते रहे। उनकी अंतिम यात्रा दोहरीघाट मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई, जहां पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। लोकतंत्र रक्षक सेनानी नागेंद्र राय अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी सेवा संस्थान की तरफ से बुधवार को संगठन के कार्यालय रोडवेज स्थित गांधी भवन में शोकसभा हुई। इस दौरान दो मिनट का शोक रखकर गतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। शोकसभा में अध्यक्षपतिराम यादव, मंत्री सभा नारायण राय, चंद्र विनोद सिंह, रामनयन सिंह, जवाहर, सूर्यनाथ राय, प्रेम बिहारी राय, डॉ. लालसा आदि शामिल रहे।