अपनी मागों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता
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आजमगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावाधान में सोमवार को वामपंथी दलों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। सरकार से किसानों से किए गए लिखित वादों को पूरा किए जाने की मांग किया।
वामपंथी दलों ने अपने ज्ञापन में केंद्र सरकार की किसान विरोधी कानून को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी दिए जाने, लखीमपुरी खीरी कांड में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने, इस कांड में बेकसूर फंसाए गए किसानों पर से मुकदमा हटाए जाने, लगातार हो रही किसानों की गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की मांग की गई। कहा कि किसानों की परीक्षा लेना बंद करें। केंद्र सरकार किसानों के साथ किए गए अपने लिखित वादो को जल्द से जल्द पूरा करे। चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने लिखित आश्वासन से मुकरती है तो किसान पुन: आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश, जनवादी मंच के रवींद्रनाथ राय, उत्तर प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष इम्तेयाज बेग रामनेत, जियालाल, सुरेंद्र, रामअवध यादव, दुर्बली राम आदि मौजूद रहे।