ीडी मंडी को ज्ञापन देते उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी।
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आजमगढ़। उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी के आह्वान पर बृहस्पतिवार को मंडी शुल्क और मंडी लाइसेंस समाप्त करने की मांग को लेकर व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल में सीएम को पत्र भेजा। इसमें केंद्र सरकार की तरह प्रदेश में भी इसे समाप्त करने की मांग की।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संत प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मंडी शुल्क और मंडी लाइसेंस को समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने मंडी परिसर के अंदर व्यापार करने वाले व्यापारियों पर 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क और 0.50 प्रतिशत सरचार्ज का प्रावधान करने का आदेश जारी किया है जो अनुचित है। मंडी के अंदर व्यापार पर दो प्रतिशत टैक्स लगाने से मंडी के अंदर व्यापार करना संभव ही नहीं होगा। क्योंकि मंडी के अंदर कोई थोक व्यापारी माल नहीं खरीदना चाहेगा। टैक्स लगने के बाद खरीदा गया माल मंहगा पड़ेगा। इसके कारण टैक्स चोरी और मंडी में भ्रष्टाचार बढ़ेगा। मंडी के अंदर का व्यापार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों व्यापारी और पल्लेदार कर्मचारी बेरोजगार होकर बर्बाद हो जाएंगे। इसलिए हमारी मांग है कि केंद्र सरकार की तरह मंडी शुल्क और लाइसेंस समाप्त किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष संत प्रसाद अग्रवाल, महामंत्री सुरेश कुमार शर्मा और कोषाध्यक्ष महेंद्र मौर्य शामिल थे।