आजमगढ़। केंद्र सरकार की ओर से व्यवस्था तो वृद्धों के लिए की गई है, लेकिन फर्जीवाड़े की वजह से 2390 मृतकों को सुविधाएं दी जा रही थीं। मामला समाज कल्याण विभाग की ओर से दिए जाने वाले वृद्धावस्था पेंशन का है। नई सरकार के गठन के बाद लेखपालों और सेक्रेटरी के माध्यम से जांच कराई तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
जांच के बाद 2390 मृतकों के नाम सूची से काटे गए हैं। इसके अलावा 15 अपात्रों को भी सूची से बाहर किया गया है। इसके साथ ही 353 नए लाभार्थियों को सूची में शामिल किया गया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त रूप से वित्तपोषित वृद्धावस्था पेंशन योजना समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पूरे प्रदेश में 1994 से लागू की गई थी। इस योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वृद्घों को पेंशन दी जाती है।
पहले इस योजना के लिए 60 साल से ऊपर से बीपीएल कार्डधारकों को पात्र माना जाता था। योजना में सम्मिलित पात्र वृद्धजनों को चार सौ रुपये प्रतिमाह की दर से प्रति वर्ष दो छमाही किश्तों में पेंशन का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जाता है। इसमें दो सौ रुपया केंद्रांश और दो सौ रुपये राज्यांश होता है।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2011 से 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों को पांच सौ रुपये प्रति लाभार्थी पेंशन देती है।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस योजना में धांधली को रोकने के लिए सरकार ने लाभार्थियों की जांच कराने का निर्देश दिए। इसके तहत जिले में 41595 लाभार्थियों के पात्रता की जांच की गई। जांच के दौरान 2390 लाभार्थी ऐसे मिले, जिनका निधन पूर्व हो चुका था लेकिन वह योजना का लाभ उठा रहे थे। अब जिले में वृद्घावस्था पेंशन लेने वालों की कुल संख्या अब 39543 हो गई है।
प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद वृद्धावस्था पेंशन की जांच कराई गई थी, इसमें 2390 लाभार्थियों की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा 15 अपात्र भी मिले थे। इनके नाम सूची से काट गिए गए हैं। 353 नये लाभारर्थियों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। अब योजना के लिए आनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।-राजीव रत्न सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि लाभार्थी की ओर से पेंशन के लिए आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए वे ब्लाकों पर तैनात एडीओ समाज कल्याण से संपर्क कर सकते हैं। कुटुंब रजिस्टर से नकल, मार्कशीट, आधार और सीबीएस इकाई का खाता नंबर देने पर वो ऑनलाइन आवेदन कर देंगे।
वृद्धावस्था पेंशन पाना है तो दें आय प्रमाण पत्र:
सरकार ने जब इस योजना को शुरू किया तो लाभार्थी के चयन का आधार बीपीएल कार्ड को माना था। 60 वर्ष के ऊपर का अभ्यर्थी जो बीपीएल कार्डधारी होता था उसे इस योजना का पात्र मानते हुए लाभ पहुंचाया जाता था। अब सरकार ने इस योजना में चयन का आधार आय प्रमाण पत्र कर दिया है।
इसके तहत अभ्यर्थी की कुल सालाना आय 46080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अभ्यर्थी को तहसील प्रशासन की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना होगा। लाभार्थियों का चयन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के माध्यम से और शहरी क्षेत्र में उपजिलाधिकारी या सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से किया जाता है। अब अभ्यर्थी सीधे आनालाइन आवेदन भी कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में एडीओ पंचायत की मदद ले सकते हैं।