मृतक कोरोना संदिग्ध मरीज को आईसोलेशन वार्ड से निकालते स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : AZAMGARH
अहरौला। जिला अस्पताल में बुधवार रात को कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद बृहस्पतिवार को कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार शहर के राजघाट के पास उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया है। उसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, मौत की जानकारी के बाद मृतक के परिजनों ने गांव के कुछ दबंगों पर धमकाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने गांव पहुंच मामले को शांत करा दिया है।
अहरौला थाना क्षेत्र के अरहरिया निवासी 55 वर्षिय व्यक्ति की बुधवार की रात नौ बजे जिला चिकित्सालय में मौत हो गई थी। वो 20 साल से अपने परिवार के साथ मुंबई के हाथी बाग इलाके में किसी की प्राइवेट गाड़ी चलाता था। 15 अप्रैल को अपने घर इसी प्राइवेट गाड़ी से आया था। घर पहुंचने से पहले ही वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला पर अपना स्क्रीनिंग कराने पहुंचा। उसे होम क्वारंटीन किया गया था दूसरे दिन इसकी हालत बिगड़ गई। सीएचसी के प्रभारी डॉ. योगेश कुमार गौतम ने 17 अप्रैल की रात को उसे मेडिकल कालेज चक्रपानपुर भेजा। इसके बाद वहां से इसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सैंपल गोरखपुर भेजा गया है जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बुधवार रात तो घरवालों को सूचना मिली तो कोहराम मच गया। इसी गांव के कुछ लोग राजभर बस्ती में घुस गए। गाली-गलौज करने लगे। इसकी सूचना पुलिस को भी लगी तो रात में ही घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद मामला शांत हुआ। राजभर बस्ती के लोगों का कहना है कि कुछ दबंग लोग हमको डरा-धमका रहे हैं। गांव से बाहर निकलने को कह रहे हैं। गुरुवार को परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार दाह संस्कार किया गया।
मृतक कोरोना संदिग्ध मरीज को आईसोलेशन वार्ड से निकालते स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : AZAMGARH
कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत के बाद बंद किया गया अस्पताल का गेट।- फोटो : AZAMGARH