आजमगढ़। शहर के डीएवी कॉलेज के पास तमसा नदी के किनारे सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अज्ञात व्यक्ति ने दो नवजात बच्चियों को झोले में भरकर झाड़ियों में फेंक दिया।
बच्चियों के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चियों को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गई। बुधवार को दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफन कर दिया गया।
बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र में स्थित डीएवी कॉलेज के पास तमसा नदी किनारे सोमवार की शाम झाड़ी में से बच्चों के रोने की आवाज आई। वहां मौजूद लोग नजदीक जाकर देखें तो झाड़ी में एक झोले में दो नवजात को फेंका गया था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही ब्रह्मस्थान चौकी प्रभारी विजय कुमार सहाय मौके पर पहुंचे और दोनों नवजातों को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि जन्म के कुछ घंटों बाद ही बच्चियों को फेंका गया था।
तेज धूप और गर्मी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान एक बच्ची की सोमवार शाम को मौत हो गई, जबकि दूसरी बच्ची को गंभीर हालत में रेफर किया गया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी भी मृत्यु हो गई।पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। नगर कोतवाली प्रभारी शशिमौलि पांडेय ने बताया कि दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफन कर दिया गया। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पता लगाया जाएगा कि बच्चियों को झाेले में भरकर वहां किसने फेंका था।