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Azamgarh News: महिलाओं के नाम होंगी डेयरी इकाइयां, 50 फीसदी हिस्सेदारी तय

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दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी है। मिनी नंदिनी योजना के तहत इस बार जिले में आवंटित छह इकाइयों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की तय की गई है। ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
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छह इकाइयों में से तीन इकाइयां महिलाओं के नाम होंगी। योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है।
इसके तहत चयनित लाभार्थियों को इकाई स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शेष 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी।
इकाई स्थापित करने के लिए आवेदक के पास कम से कम 0.2 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। एक यूनिट की निर्धारित लागत 23.60 लाख रुपये है, जिसमें सरकार की ओर से 11.80 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
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योजना के लिए जिले में 224 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें 102 आवेदन सही पाए गए हैं। ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। पशुपालन विभाग के अनुसार, महिलाओं को डेयरी के क्षेत्र से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
इससे ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है।
इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी, जबकि 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। शेष 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी।
मिनी नंदिनी योजना के लिए 31 जुलाई तक कुल 224 आवेदन आए थे, जिसमें से 102 लोग पात्र मिले। इसमें छह लाभार्थियों का चयन किया जाना है। अगले सप्ताह निदेशालय से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से बस एक क्लिक पर लॉटरी खुलेगी।
- वर्जन
मिनी नंदिनी योजना में लाभार्थियों को जर्सी या अन्य विदेशी नस्ल की गायें खरीदने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें ही रखने होंगी। योजना में तीन पुरुष और तीन महिलाओं का लॉटरी विधि से चयन किया जाएगा। पहली बार महिलाओं को 50 प्रतिशत का लाभ दिया जा रहा है। -डॉ. मुकेश गुप्ता, सीवीओ।
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