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सभी जिलों में लगेंगे डेयरी प्लांट

Fri, 29 Jul 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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दुग्ध उत्पादन केद्र
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दुग्ध व्यवसाय से किसानों को जोड़कर उन्हें रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से डेयरी प्लांट की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री की महात्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर डेयरी प्लांट की स्थापना की जाएगी। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। ये बातें दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा ने बूढ़नपुर के लेदौरा में शुक्रवार को पराग के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट और सांसद व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आदर्श गांव तमोली में स्थापित पराग दुग्ध संग्रह केंद्र का लोकार्पण करते कहीं।
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उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों में विश्वास पैदा करने के लिए सहकारिता से जुड़े दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सदस्यों की सुविधा को देखते हुए जीपीआरएस से युक्त 11000 डीपीएमसीयू की स्थापना कराई जा रही है। सरकारी दुग्ध किसानों को अपने बजट से अनुदान देगी और दूध का उचित मूल्य सीधे उनके खाते में जाएगा। प्रतिदिन दस हजार लीटर दूध की क्षमता वाले इस आधुनिक डेयरी प्लांट में दुग्ध उत्पाद घी, पनीर, दही, मट्ठा, खोवा, प्लेवर्ड मिल्क तैयार किया जाएगा।

साथ ही यहां से शुद्ध दूध की आपूर्ति की जाएगी। 2.04 हेक्टेयर भूमि पर इस डेयरी की स्थापना पर 7.43 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जबकि तमोली में 0.05 हेक्टेयर भूमि पर पराग दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। हर गांव के दुग्ध उत्पादकों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। सरकार दूध किसानों को अपने बजट से मुआवजा देगी। उनसे दूध लेते समय ही उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी और दूध का उचित दाम सीधे उनके खाते में पहुंच जाएगा। 
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उन्होंने कहा कि यहां के लोग फिर एक बार अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाकर जातिवादी पार्टियों का करारा जवाब दें। उन्होंने लोगों से हाथ उठवा कर हुंकारी भी भरवाई। प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर ने भी सपा सरकार में हुए विकास कार्यों को गिनाया। अतरौलिया विधायक संग्राम यादव ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के बारे में बताया। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास डा. सुधीर एम बोबडे ने कहा कि डेयरी प्लांट का लोकार्पण कर दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। 

उन्होंने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता के साथ अगर दुग्ध उत्पादकों को दूध का उचित मूल्य दिया जाए निश्चित रूप से दूध का उत्पादन बढ़ेगा और इससे अधिक से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। उनकी आर्थिक दशा सुधरेगी। माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव ने अतिथियों का स्वागत किया और उमड़े जनसमूह के प्रति आभार जताया। इस मौके पर खाद्य एव रसद मंत्री कमाल अख्तर, बेसिक शिक्षा राज्य, बाल विकास पु्ष्टाहार एवं ऊर्जा मंत्री वसीम अहमद, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर रामआसरे राम समेत अन्य सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

न लस्सी, न मट्ठा  निराश लौटे लोग ः लोकार्पण कार्यक्रम के समापन पर माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव और जिलाधिकारी ने लोगों से कहा कि वे रुके रहें, उन्हें मट्ठा, लस्सी के साथ लंच पैकेट भी मिलेगा। इसकी व्यवस्था थी लेकिन बदइंतजामी के चलते बहुत से लोग देर तक मट्ठा, लस्सी और लंच पैकेट नहीं मिलने पर निराश लौट गए। कुछ ने तो कहा कि बुलाया गया रिश्तेदार की तरह लेकिन यहां कोई पूछने वाला तक नहीं है।

कार्यक्रम में रही बदइंतजामी फोटो खिंचवाने की रही होड़ ः दुग्ध प्लांट के लोकार्पण कार्यक्रम में बदइंतजामी का आलम रहा। सपा कार्यकर्ता फोटो खिंचवाने की होड़ में लगे थे। सपा के अन्य कार्यक्रमों की तरह इस कार्यक्रम में भी मंच के सामने खड़े कार्यकर्ताओं के खड़े होेने और धक्कामुक्की के चलते कई लोग गिरते गिरते बचे। सभी वरिष्ठ नेता मंत्रियों के स्वागत में लगे रहे लेकिन किसी ने अनुशासन का परिचय देते हुए बैठने या मंच से किनारे होने की अपील नहीं की। बाद में जब प्रमुख सचिव दुग्ध ने मंच के सामने खड़े होकर धक्कामुक्की कर रहे लोगों से बैठने या किनारे होने की अपील की तो एक नेता ने भी लोगों से यही आग्रह किया। लेकिन बारिश के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। 

मुसलाधार बारिश होते ही मची भगदड़ ः पराग के दुग्ध प्लांट का लोकार्पण होने के बाद स्वागत भाषण हो ही रहा था कि करीब डेढ़ बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। मंच से लेकर उसके सामने लगे टेंट कनाट पर प्लास्टिक शीट लगाई गई थी जबकि उसके बाहर लगा टेंट कपड़े का था जिससे पानी टपकने लगा। इस दौरान कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण बारिश से बचने के लिए मंच के सामने आ गए जिससे भगदड़ मच गई। मुख्य अतिथि के माइक के सामने आने से पहले टेंट की छत पानी के दबाव से टेंट गिरने जैसी स्थिति में हो गई। यह देख लोगों ने टेंट में छेद कर पानी गिरने की व्यवस्था बनाई। शोरगुल और भगदड़ की स्थिति के चलते मुख्य अतिथि का संबोधन भी ठीक से नहीं सुनाई पड़ रहा था। मौसम खराब होेने के कारण कार्यक्रम जल्दी ही सिमट गया। 
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