आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र में सात साल पूर्व सड़क निर्माण ठेके के विवाद में मुख्तार अंसरी गिरोह ने ठेकेदार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की था। ठेकेदार तो बच गया था लेकिन दो मजदूर घायल हो गए थे, जिसमें एक की मौत हो गई थी। इस मामले में तरवां थाना पुलिस ने 2020 में मुख्तार समेत 10 लोगों पर गैंगेस्टर में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों में कुछ ने सरेंडर कर दिया तो कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अनुज कन्नौजिया की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस उसके लिए लगातार दबिश दे रही है।
अनुज कन्नौजिया मुख्तार अंसारी गिरोह के मुख्य सदस्यों मे है। तरवां के एराकला गांव में हुए फायरिंग में मुख्तार के साथ ही इसका भी नाम शामिल है। अनुज मुख्य रूप से मऊ जिले के चिरैयाकोट कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है। इसकी गिरफ्तारी को लेकर भी दबिश की कवायद लगातार जारी है। स्वाट टीम प्रभारी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि पूरा प्रयास है कि जल्द ही हम इसे गिरफ्तार कर लेंगे। उन्होंने बताया कि तरवां थाने में दर्ज गैंगेस्टर के मामले में शामिल दस में से नौ बदमाश फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके है। मुख्तार का एक खास साथी अभिषेक मिश्रा सोमवार को ही गैंगेस्टर कोर्ट आजमगढ़ में समर्पण कर चुका है। मुख्तार पहले से पंजाब के रूपनगर जेल में बंद है। वर्तमान में सिर्फ अनुज कन्नौजिया ही जेल की सलाखों के पीछे नहीं पहुंच सका है। जिसकी गिरफ्तारी को लेकर सभी संभव स्थानों पर स्वाट टीम दबिश देने की कवायद में जुटी है। जल्द से जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा अथवा पुलिस की दबिश के चलते वह भी अभिषेक की तरह न्यायालय में समर्पण कर देगा।