सबसे ज्यादा परेशानी कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को हो रही है। सिलिंडर की अनिश्चित उपलब्धता के कारण कुछ कैटर्स ने फिलहाल नए ऑर्डर लेना बंद कर दिया है, जबकि कई पुराने ऑर्डर को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि समय पर पर्याप्त गैस नहीं मिलने पर आयोजन प्रभावित हो सकता है। वहीं शहर के कुछ कैटर्स ने इस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है।
इनमें इलेक्ट्रिक चूल्हे, इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की योजना बनाई जा रही है, ताकि कार्यक्रम बिना बाधा के संपन्न कराए जा सकें। शादी वाले परिवार भी अब अतिरिक्त सिलिंडर की व्यवस्था करने या वैकल्पिक ईंधन की तलाश में जुट गए हैं। यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो सहालग के सीजन में व्यापक असर देखने को मिल सकता है। बंधन प्वाइंट मैरेज हाल के अजय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन एक-दो लोग आ रहे हैं। उनसे बताया जा रहा है कि गैस की दिक्कत हैं, ऐसे में लकड़ी का विकल्प रहेगा।
21 अप्रैल को बेटे की शादी है और 23 को बहुभोज देना है। इसमें 700-800 लोगों के खानपान की व्यवस्था है। अब ऐसे में गैस की किल्लत के चलते लकड़ी की व्यवस्था किया जा रहा है। अगर तीन-चार गैस सिलिंडर भी मिल जाता तो काम हो जाता। - मोहित यादव, बछवल।
25 अप्रैल को पोती की शादी है, गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है। शादी में लगभग 900 से 1000 लोगों के आने की संभावना है, 8 से 9 सिलिंडर लगेंगे, पर यह संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में लकड़ी पर भोजन बनाया जाएगा और लोगों के व्यवस्था में कमी की जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद यादव, अखईपुर हरैया।
एजेंसी पर दिया ब्रह्मभोज का कार्ड पर मिली निराशा
लाटघाट क्षेत्र की एचपी गैस एजेंसी पर बैजावारी गांव के अमित कुमार अपनी माता के ब्रह्मभोज के लिए गैस एजेंसी को कार्ड देने के साथ ही गैस सिलिंडर की मांग की। कहा कि मां का ब्रह्मभोज है, ऐसे में उसे सिलिंडर दे दिए जाएं पर उन्हें भी मायूस होकर लौटना पड़ा। गैस एजेंसी मालिक सुनील कुमार ने कहा कि इस तरह से गैस नहीं मिल पाएगी। पहाड़पुर में लड़के की शादी की व्यवस्था में भी लोग लकड़ी का ही प्रयोग करेंगे। रामदास ने बताया कि परिवार में लड़के की शादी है और बहुभोज भी करना है, गैस की समस्या बढ़ती जा रही है।