जिले में मंगलवार की रात सवा नौ बजे अचानक आई आंधी ने कई स्थानों पर भारी तबाही मचाई। जीयनपुर क्षेत्र में चक्रवाती तूफान के चलते कई गांवों में जगह-जगह पेड़ टूटकर गिर गए। कुछ स्थानों पर विद्युत पोल टूटकर भवनों पर गिर गए। क्षेत्र के चंगईपुर में मकान पर पेड़ गिरने से दीवार ध्वस्त हो गई, जिसमें दबकर दुर्गावती देवी (45) और महावतगढ़ चकिया गांव में दीवार गिरने से दबकर रामबचन चौहान (70) की मौत हो गई। पोल टूटने से क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई है।
सड़कों पर पेड़ गिरने से जीयनपुर-मोहम्मदाबाद प्रमुख मार्ग सहित अन्य लिंक मार्ग पर घंटों यातायात बाधित रही। बुधवार की सुबह पेड़ काटकर हटाए जाने के बाद रास्ता खुल सका। शहर में कोतवाली और रेलवे स्टेशन रोड पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। संयोग ही था कि इसकी चपेट में आने से कोई घायल नहीं हुआ। इसके अलावा दूकानों के शाइन बोर्ड, आसपास के गांवों में शेड और झोपड़ियां आदि उड़ गईं।
मालटारी संवाददाता के मुताबिक, सबसे अधिक तबाही जीयनपुर क्षेत्र में हुई है। यहां चक्रवाती तूफान के समय जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चंगईपुर गांव निवासी दुर्गावती देवी (45) पत्नी जनार्दन मंगलवार की रात सवा नौ बजे अपने घर में सामान व्यवस्थित कर रही थी। इस दौरान उसके घर पर पेड़ गिरने से दीवार ढह गई और दबकर दुर्गावती की मौत हो गई। वह तीन बेटे और दो बेटी की मां थी। महावतगढ़ चकिया गांव निवासी रामबचन चौहान (70) की पत्नी घर में सोई हुई थी। रामबचन पत्नी तुला देवी को जगाने पहुंचा। तभी उसके टीनशेड की दीवार गिर गई और दबकर रामबचन की मौत हो गई जबकि तुला देवी घायल हो गई। मकान पर पेड़ गिरने से महावतगढ़ गांव निवासी ओमप्रकाश की पत्नी शशिप्रभा (35) और छह वर्षीय बेटा आकाश, उमरी गांव निवासी तारा देवी (48) पत्नी गणेश सहित आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
महावतगढ़ गांव के ओमप्रकाश, बाबूलाल राम, रामप्रसाद, रामप्रवेश, लछीराम, शिवनाथ, रामजीत, सीता आदि के मकान, टीनशेड, मड़ई पर आदि पर पेड़ और विद्युत पोल गिरने से छतिग्रस्त हो गए। तुफानी हवा का प्रभाव चंगईपुर, महावतगढ़ चकिया, उमरी में अधिक रहा। जबकि हरनई, अमुवारी, जहरुद्दीनपुर, चांदपुर, शहरुपुर, रामपुर आदि गांव में कम दिखा। जीयनपुर-मोहम्मदाबाद मुख्य मार्ग पर पेड़ गिर जाने से पूरी रात यातायात प्रभावित रही।
यही दशा मालटारी, मनिकाडीह आदि लिंक मार्गों की भी थी। यहां दूसरे दिन सूबह यातायात सुचारु हो सकी। पीड़ितों की मानें तो क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव में सैकड़ों पेड़, विद्युत पोल उखड़कर गिर गए। बुधवार को विद्युत विभाग के लोग क्षतिग्रस्त तारों और पोलों की मरम्मत कर रहे थे। एसडीएम सगड़ी सीपी सरोज ने कहा कि चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान के आकलन के लिए राजस्वकर्मियों को लगाया गया है। रिपोर्ट पर इन्हें आर्थिक सहायता दिलवाई जाएगी।