एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें। गोल्डन टाइम में रिपोर्ट करें। सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा सबसे अधिक जोखिम में है। ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों से सावधानी की जरूरत।
डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि साइबर जांच कठिन नहीं, बल्कि एसओपी आधारित, सरल और त्वरित होती है। नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मजबूत पासवर्ड, सॉफ्टवेयर अपडेट, अज्ञात लिंक व कॉल से दूरी रहें। एसपी डा. अनिल कुमार ने कहा कि साइबर क्राइम से बचाव के लिए यूपी पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीजी साइबर विनोद कुमार सिंह, एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया, पुलिस अधीक्षक मऊ व पुलिस अधीक्षक बलिया भी कार्यक्रम से जुड़े और प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण संदेश दिए। इस दौरान एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी, सीओ नगर शुभम तोदी, साइबर एक्सपर्ट संजय मिश्र, साइबर कमांडो मनीष सिंह आदि उपस्थित रहे।