आज पूरे देश में प्याज की बढ़ी कीमतों को लेकर हायतौबा मची हुई है। प्याज की बढ़ी कीमतों के कारण बहुत से लोग प्याज का स्वाद लेना भी भूल गए। प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा पाकिस्तान से प्याज का आयात किया जा रहा है। इसके कारण इसके दामों में प्रतिदिन चार से पांच रुपये की गिरावट हो रही है।
थोक व्यवसायी राकेश गुप्ता ने बताया कि इस समय जनपद में थोक प्याज का भाव पांच हजार रुपये प्रति कुंतल है। फुटकर में यही प्याज तीन सौ रुपये में पांच किग्रा की दर से और 70 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिक रही है। थोक व्यवसायी अनूप मद्घेशिया ने बताया कि नासिक में प्याज की फसल नष्ट हो गई।
इसके कारण कालाबाजारियों ने प्याज स्टाक कर लिया। इसके कारण प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी हुई लेकिन जब सरकार ने प्याज का स्टाक करने वाले कारोबारियों के यहां छापामारी की कार्रवाई की तो वह प्याज बाजार में आ गया और इसके साथ ही सरकार ने पाकिस्तान से प्याज का आयात भी किया है। इसके कारण इसके दाम में गिरावट हो रही है। प्याज का दाम प्रतिदिन चार से पांच रुपये की दर से कम हो रहा है।
जल्द ही इसके दामों में और कमी देखने को मिलेगी। वहीं फुटकर व्यवसायी अर्जुन सोनकर ने बताया कि हम लोग मंडी से थोक रेट पर प्याज के साथ ही अन्य सब्जियों को उठाते हैं। उस पर अपना खर्च और मेहनत को जोड़कर 60 रुपये की दर से बेच देते हैं। हमारे यहां से ठेले वाले और अन्य लोग लेकर जाते हैं और 10 रुपये प्रति किग्रा रखकर वह भी माल को बेच देते हैं। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं क्योंकि हम अपनी मेहनत और फायदा तो जोड़ेंगे ही। जब यही प्याज सस्ती मिलेगी तो हमलोग भी इसे सस्ता कर बेचेंगे।