जिले की बिलरियागंज और सरायमीर नगर पंचायत में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक हो गई है, जबकि अजमतगढ़ और महाराजगंज नगर पंचायत में मुस्लिमों की संख्या सबसे कम है। इसका खुलासा हुआ है मंगलवार को जारी धर्म आधारित जनगणना से। जनपद में कुल 11 नगर पंचायतें हैं।
बिलरियागंज नगर पंचायत की कुल आबादी 13096 है। इनमें पुरुषों की संख्या 6636 और महिलाओं की 6460 है। हिंदू धर्म को मानने वालों की संख्या 4767 है। इनमें पुरुष 2457 और महिलाएं 2310 हैं। इस नगर पंचायत में मुस्लिमों की कुल आबादी 8280 है। इनमें पुरुष 4148 और महिलाएं 3132 हैं।
इसाईयों की जनसंख्या 23 हैं। जिनका कोई धर्म पता नहीं चल सका उनकी संख्या 24 है। उधर, सरायमीर नगर पंचायत की कुल जनसंख्या 19055 हैं। इनमें पुरुष 9760 और महिलाएं 9295 हैं। इस नगर पंचायत में हिंदूओं की संख्या 9092 हैं, जिसमें पुरुष 4722 और महिलाएं 4370 हैं। मुस्लिमों की कुल संख्या 9911 है। इनमें पुरुष 5011 और महिलाएं 4900 हैं। ईसाई 27, बौद्ध दो, जैन दो हैं, जबकि जिनका कोई धर्म नहीं है, उनकी संख्या 17 है।
जिले की अन्य नगर पंचायतों पर अगर नजर डालें तो अजमतगढ़ और महराजगंज में अल्पसंख्यक आबादी सबसे कम हैं। अजमतगढ़ की कुल जनसंख्या 12160 है। इनमें पुरुष 6178 और महिलाएं 5982 हैं। यहां हिंदुओं की कुल जनसंख्या 10191 है, जिसमें पुरुष 5253 और महिलाएं 4938 हैं। मुस्लिमों की कुल जनसंख्या 1917 है। इनमें पुुरुषों की संख्या 899 और महिलाओं की 1018 है, जबकि ईसाई 27, सिक्ख एक, जैन एक, अन्य तीन और जिनका कोई धर्म नहीं है उनकी संख्या 20 है।
वहीं महराजगंज नगर पंचायत की कुल जनसंख्या 6735 है, जिसमें पुरुष 3453 और महिलाएं 3282 है। अगर हिंदुओं की संख्या पर नजर डाले तो महराजगंज में उनकी कुल जनसंख्या 4541 है, जिसमें पुरुष 2334 और महिलाएं 2207 हैं। यहां मुस्लिमों की कुल जनसंख्या 2169 हैं, जिसमें पुरुष 1106 और महिलाएं 1063 हैं। इसाई 18, सिक्ख एक और जिनका कोई धर्म नहंीं उनकी संख्या छह है।
नगर पंचायतों में घटी महिलाओं की आबादी
जनपद में भले ही ओवरआल पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की स्थिति अच्छी हो, लेकिन नगर पंचायतों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है। इससे एक बात साफ है कि खुद को बुद्धजीवी कहलाने वाला शहरी तबका ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी पीछे हैं। सरकार भले ही भ्रूण हत्या रोकने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों को जागरूक कर रही हो लेकिन शहरी क्षेत्र के लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। लगभग सभी नगर पंचायतों की स्थिति एक समान ही है।