फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजमगढ़: तीन लोग किए अपहरण, अब एक पर भगाने का आरोप, लड़की मिली थी बदहवाश 

Sun, 04 Oct 2020 08:34 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आजमगढ़ जिले के मेंहनगर थाना क्षेत्र से एक अक्तूबर को दो सगी बहनों का बोलेरो सवार तीन लोगों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। मामले में युवती के परिजनों ने तहरीर दी थी। पुलिस हाथ-पांव मारती है और फिर प्रकरण को एक युवक द्वारा युवती को भगाने का आरोप लगाते हुए खत्म कर दिया। वहीं युवती शनिवार की सुबह सिधारी क्षेत्र में बदहवाश मिली थी। हालत देखकर दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने उसे मेडिकल के लिए भेजा लेकिन अब तक उसका 164 का बयान नहीं कराया। उधर, एसपी ने एक युवक को गिरफ्तार कर प्रकरण का खुलासा भी कर दिया। 

विज्ञापन


 एसपी सुधीर कुमार सिंह ने रविवार को मेंहनगर की घटना पर प्रेस वार्ता कर बताया कि युवती का अपहरण हुआ ही नहीं था। उसे गांव का ही युवक बहला-फुसला कर भगा ले गया था और परिजनों की पहले दिन जो कहानी सामने आई थी वह मनगढ़ंत थी। युवती गांव के ही एक व्यक्ति के साथ गई थी और शनिवार की सुबह वाराणसी से वापस लौट आई।

युवती वाराणसी से आई तो कैसे आई तथा सिधारी चौराहे पर कैसे सुबह छह बजे ही बदहवाश हाल में मिली। इन प्रश्नों का कोई जवाब पुलिस के पास नहीं है। एसपी ने प्रेसवार्ता कर लड़की को भगाने के आरोपी की गिरफ्तारी का दावा करते हुए इस पूरे प्रकरण की इतिश्री कर दी।
विज्ञापन


वहीं रविवार की सुबह तक पुलिस का यह कहना था कि अभी लड़की का 164 का बयान नहीं हुआ है। ऐसे में पहले से कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ ने भी सुबह बताया था कि जब तक लड़की का बयान कोर्ट में नहीं हो जाता तब तक कुछ भी इस प्रकरण में कहना विवेचना को प्रभावित करना होगा। उन्होंने सोमवार को लड़की का बयान दर्ज कराने की बात कही है। 
 

विज्ञापन

हजम नहीं हो रही पुलिस की कहानी, उठ रहे कई सवाल


मेंहनगर क्षेत्र से दिनदहाड़े अपहृत युवती के प्रकरण को पुलिस जिस आसानी के साथ भगा ले जाने का मामला बताते हुए समाप्त करने की कवायद की है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अपहरण के समय तीन लोगों के बोलेरो में होने की बात थी तो फिर अब मात्र एक ही प्रकाश में क्यों आया है।

यदि पुलिस की कहानी के अनुरूप लड़की अपहृत नहीं हुई तो जब शनिवार की सुबह वह सिधारी चौराहे पर बरामद हुई तो बदहवाश क्यों थी। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अपनी किरकिरी होने से बचने की कवायद में जुटी हुई है। पुलिस के खुलासे की कहानी हजम नहीं हो रही है। 

मेडिकल रिपोर्ट कोई बताने को तैयार नहीं

मेंहनगर से अपहृत युवती शनिवार की सुबह सिधारी चौराहे पर बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल महिला पुलिस की अभिरक्षा में भेजा था। मेडिकल में क्या निकला यह कोई भी बताने को तैयार नहीं है। जिला अस्पताल में पॉक्सो के मामले की जांच करने वाली डॉ. रौशन आरा ने मेडिकल के बाबत सीएमएस से बात करने को कहा।

वहीं सीएमएस डॉ. मंजूला सिंह ने खुद के छुट्टी पर होने की बात कही। प्रभारी सीएमएस डॉ. अमिता से बात हुई तो उन्होंने भी डॉ. असलम से बात करने की बात कह कर टाल दिया। वहीं डॉ. असलम इतना ही बताया कि पॉक्सो की धारा ही नहीं पुलिस ने लगाई है। वहीं पुलिस महकमा भी मेडिकल के बारे में कुछ बता नहीं रहा। परिजन भी मीडिया से कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। इसके पीछे कारण क्या है यह पुलिस ही सही बता सकती है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें