हजम नहीं हो रही पुलिस की कहानी, उठ रहे कई सवाल
मेंहनगर क्षेत्र से दिनदहाड़े अपहृत युवती के प्रकरण को पुलिस जिस आसानी के साथ भगा ले जाने का मामला बताते हुए समाप्त करने की कवायद की है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अपहरण के समय तीन लोगों के बोलेरो में होने की बात थी तो फिर अब मात्र एक ही प्रकाश में क्यों आया है।
यदि पुलिस की कहानी के अनुरूप लड़की अपहृत नहीं हुई तो जब शनिवार की सुबह वह सिधारी चौराहे पर बरामद हुई तो बदहवाश क्यों थी। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अपनी किरकिरी होने से बचने की कवायद में जुटी हुई है। पुलिस के खुलासे की कहानी हजम नहीं हो रही है।
मेडिकल रिपोर्ट कोई बताने को तैयार नहीं
मेंहनगर से अपहृत युवती शनिवार की सुबह सिधारी चौराहे पर बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल महिला पुलिस की अभिरक्षा में भेजा था। मेडिकल में क्या निकला यह कोई भी बताने को तैयार नहीं है। जिला अस्पताल में पॉक्सो के मामले की जांच करने वाली डॉ. रौशन आरा ने मेडिकल के बाबत सीएमएस से बात करने को कहा।
वहीं सीएमएस डॉ. मंजूला सिंह ने खुद के छुट्टी पर होने की बात कही। प्रभारी सीएमएस डॉ. अमिता से बात हुई तो उन्होंने भी डॉ. असलम से बात करने की बात कह कर टाल दिया। वहीं डॉ. असलम इतना ही बताया कि पॉक्सो की धारा ही नहीं पुलिस ने लगाई है। वहीं पुलिस महकमा भी मेडिकल के बारे में कुछ बता नहीं रहा। परिजन भी मीडिया से कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। इसके पीछे कारण क्या है यह पुलिस ही सही बता सकती है।