आजमगढ़ (ब्यूरो)। मुबारकपुर थाने में दर्ज हत्या के प्रयास, मारपीट और लूट के मुकदमे में सुलह-समझौते से इंकार करने का परिणाम रहा कि थानाध्यक्ष ने पीड़ित पर फर्जी मुकदमा लाद दिया। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के भय से पीड़ित घर छोड़कर भाग गए हैं। मंगलवार को उसने एसपी से घटना की जांचकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी सुधिराम ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त की शाम छह बजे वह शहर से घर लौट रहा था। गांव के पास सुनसान स्थान पर रंजीश के चलते जगदंबा अन्य साथियों के साथ हमला कर उसकी नाक काट दी। मनबढ़ उसकी जेब से दो हजार रुपये और मोबाइल भी लूट ले गए। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 30 अगस्त को सुधिराम की पत्नी सुमित्रा देवी ने जगदंबा सहित चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि अस्पताल से घर आने पर एसओ ने उसे थाने बुलाया और समझौता करने का दबाव बनाने ल
गा लेकिन उसने इंकार कर दिया। छह सितंबर को सुबह नौ बजे खुझिया बाजार में जगदंबा के पिता सुभाषचंद सड़क हादसे में घायल हो गए तो विरोधियों ने उसके सहित चार लोगों पर हत्या के प्रयास, मारपीट की रिपोर्ट दर्जकर गिरफ्तारी का दबाव बना रही है।
सीओ सदर को इस पूरे घटनाक्रम की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यदि सुधिराम के विरुद्ध झूठा केस दर्ज है तो उसे खारिज भी किया जाएगा।
- अजय कुमार साहनी, एसपी