लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के बरामदपुर गांव में बुधवार की शाम बाढ़ के पानी में उतराई मिली महिला की सिर कटी लाश शुक्रवार को तीसरे दिन भी मौके पर पड़ी रही। पूरे दिन शव को कुत्ते और जंगली जानवर नोंचकर खा रहे थे। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस बात को लेकर क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति रोष है।
बता दें कि रौनापार थाना क्षेत्र के बरामदपुर गांव घाघरा नदी के पानी से घिरा हुआ था। बुधवार को बाढ़ का पानी कम होने पर गांव के किसान अपना खेत देखने गए तो खेत में महिला की सिर कटी लाश दिखी तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
संवेदनहीन रौनापार थाने की पुलिस शव को कब्जे में लेने की बजाय उसे बहा देने की बात कहकर मौन साध गई। पुलिस की लापरवाही का परिणाम रहा कि सीओ अपने अधीनस्थ एसओ पर और एसओ चौकी इंचार्ज पर मामले को टालते रहे। गुरुवार को लाश मौके पर पड़ी थी।
जंगली जानवर और कुत्ते नोंच रहे थे। संपर्क करने पर सीओ सगड़ी ने शव को कब्जे में लेने की बात कही थी। लेकिन एसओ ने सीओ की भी बात को अनसुना कर दिया। इसका परिणाम रहा कि तीसरे दिन शुक्रवार को भी लाश की सुधि किसी ने नहीं ली। उसे कुत्ते और जंगली जानवर नोंचते रहे।
पूछे जाने पर सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने शुक्रवार को भी वही पुराना राग अलापा। कहा कि मैं एसओ रौनापार से जांच कर कार्रवाई के लिए कहूंगा।