लालगंज तहसील क्षेत्र के कटघर नसरुल्ला गांव में आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग से सटे पांच एकड़ से अधिक की सरकारी जमीन को जालसाजी कर दूसरे के नाम करने का खुलासा होने पर तहसीलदार लालगंज ने शनिवार को देवगांव कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें तात्कालीन लेखपाल और कानूनगो को आरोपित किया है। फोरलेन के मुआवजे की मांग करने पर यह गोलमाल उजागर हुआ। डीएम ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश देवगांव कोतवाली पुलिस को दिया है।
तहसीलदार लालगंज रामदयाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि कटघर नसरुल्ला गांव में पांच एकड़ से अधिक ग्राम समाज की जमीन है। 1994 में तात्कालीन लेखपाल उमाशंकर प्रसाद और कानूनगो कृष्ण कुमार श्रीवास्तव अभिलेखों में हेराफेरी कर यह जमीन गांव के कई लोगों के नाम कर दिया।
1995 में ग्रामीणों ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत की तो जमीन को पुन: ग्राम समाज के खाते में दर्ज करा दी गई। बाद में फिर 1996 में जमीन को दूसरे के नाम कर दिया गया। इसका फायदा उठाते हुए वे लोग जिनके नाम जमीन दर्ज हुई थी, उन्होंने जमीन बेच दी। आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग के निर्माण होने की वजह से जमीन खरीदने वालों ने मुआवजे की मांग की तो अभिलेखों की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
डीएम के निर्देश पर तहसीलदार लालगंज रामदयाल ने देवगांव कोतवाली में तात्कालीन लेखपाल और कानूनगो के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। यह दोनों आरोपी वर्षों पहले रिटायर हो चुके हैं। सीओ लालगंज श्यामनरायण ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।