आजमगढ़। रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई 17 लोगों की मौत और 12 के गंभीर रुप से बीमार होने की घटना के बाद शनिवार को मौके पर एडीजी वाराणसी जोन विश्वजीत महापात्रा मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मुआयना के बाद उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। एडीजी ने बताया कि पुलिस अब तक लोगों को घरों से निकालकर अस्पताल भेजवा रही थी। जो काम लगभग पूरी हो चुका। अब कार्रवाई शुरू की है। अब तक अलग-अलग ठिकानों से नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी की जा रही है। शराब का कारोबार करने वाले संगठित गिरोहबाज और उनके सदस्यों पर पैनी नजर रखी जा रही।
एडीजी वाराणसी जोन विश्वजीत महापात्रा ने बताया कि अवैध शराब कारोबार रोकना मुख्यरुप से आबकारी विभाग का काम है। लेकिन विभाग के लोग अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से नहीं निभाए जिसका परिणाम रौनापार और जीयनपुर की घटना रही है। एडीजी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की भी लापरवाही है। जिनका दोष पाया गया। उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। पुलिस का सपोर्ट करते हुए एडीजी ने कहा कि उन पर तमाम तरह के आरोप लगाए गए। लेकिन घटना के बाद पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बीमार लोगों की जान बचानी थी। इसलिए पुुलिस घरों में छिपे हुए बीमार लोगों को अस्पताल भेजवाई। अब पुलिस अपने कार्रवाई में जुटी है। एडीजी ने बताया कि आजमगढ़ के साथ-साथ आसपास के जिलों में 15 जुलाई तक लगातार शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलेगा। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इस घटना के आरोपियों की पहचान करने के लिए अब तक अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर नौ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है।