थाना क्षेत्र के युधिष्ठिर पट्टी गांव में बुधवार की चोरों ने कोयला कारोबारी के घर धावा बोला। छत के रास्ते घर में घुसे चोरों ने कट्टे के बल पर घर की महिलाओं को आतंकित कर ढ़ाई लाख नगदी सहित लाखों के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया।
अहरौला थाना क्षेत्र के युधिष्ठिर पट्टी गांव में कोयला कारोबारी हवलदार निषाद का मकान है। घर में हवलदार की पत्नी आशा अपने तीन साल के नाती के साथ अकेली थी। बुधवार की रात चोर छत के रास्ते उसके घर में घुसे। चोर तीसरे तले पर आशा की बहू कंचन के कमरे में घुसे। जहां उन्होंने गोदरेज की आलमारी को तोड़कर उसमें रखे गहने को उठा लिया।
उसके बाद चोर नीचे आशा के कमरे में पहुंचे। जहां उन्होंने आशा को कट्टा दिखाकर आतंकित किया और उसकी लड़की चंद्रकला के गहने और बेटे अरविंद के विदेश जाने के लिए रखे ढ़ाई लाख रुपये ले लिया। इसके बाद चोरों ने आशा और उसके नाती को मारपीट कर बांध दिया और माल लेकर चंपत हो गए।
किसी तरह से बंधनमुक्त होने के बाद आशा ने पुलिस को फोन किया लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। आशा ने बताया कि उसके पति हवलदार निषाद अपने मंझले बेटे के साथ उड़ीसा में कोयले का कारोबार करते हैं। उनका छोटा बेटा लखनऊ में पढ़ता है। बड़ा बेटा विदेश जाने की तैयारी में है।
उसी के लिए ढ़ाई लाख रुपये घर में रखे हुए थे। वहीं थानाध्यक्ष अहरौला विजय प्रकाश यादव का कहना है कि यह मामला संदिग्ध है। अतरौलिया पुलिस को 307 के एक मामले में आशा के बेटे और दामाद की तलाश है। अतरौलिया और अहरौला पुलिस द्वारा 10 दिन पूर्व इसके घर पर दबिश डाल चुकी है। मामले को गुमराह करने के लिए आशा द्वारा यह कहानी गढ़ी गई है।