धन्नी गांव में स्थित परमहंसदास कुटी के पास ग्रामीणों की भीड़।
थाना क्षेत्र के सिंहपुर धन्नी गांव में स्थित परमहंसदास कुटी के महंत रामसमुझ चौहान (65) की रविवार की हत्या कर पोखरे में फेंकी गई लाश बरामद की गई। महंत के सिर पर धारदार हथियार से हमले के निशान हैं। उनके दोनों पैर बंधे हुए थे। सोमवार की सुबह पोखरे में महंत की लाश देख चरवाहों ने शोर किया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान पता चला कि महंत की दो गाय और एक बैल भी लापता है। घटना के संबंध में महंत के भाई ने अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
जहानागंज थाना क्षेत्र के जिगरसंडी सरैया गांव निवासी रामसमुझ चौहान (65) तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। रामसमुझ बीते दस वर्ष से सिंहपुर धन्नी गांव में स्थित परमहंसदास कुटी पर रहते थे। वह कुटिया के महंत थे। रामसमुझ के गांव और कुटी के बीच में लोनी नदी पड़ती थी। वह पुल पार कर दिन में घर जाता थे रात को कुटी में आकर सोते थे। रामसमुझ अपने कुटी में गाय और बैल भी पाले हुए थे।
नित्य की भांति रविवार की रात रामसमुझ अपने कुटी पर सोए हुए थे। सोमवार को रामसमुझ की लाश कुटी से करीब तीन सौ मीटर दूर पोखरे में उतराया हुआ मिली। उनके दोनों पैर बंधे थे जबकि सिर में गंभीर चोट के निशान थे। गांव के लोग लाश देखकर शोच किया। सूचना पर मेंहनगर थाने की पुलिस के अलावा गांव के तमाम लोग जुट गए। जानकारी होने पर सीओ लालगंज भी पहुंच गए। पुलिस ने रामसमुझ की लाश पानी से निकालकर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास कर रही थी कि गांव के लोगों ने डाग स्क्वाड टीम बुलाने की बात कहते हुए हंगामा किया। हालांकि पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराकर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। सीओ लालगंज राधेश्याम ने बताया कि रामसमुझ के भाई बोधी चौहान की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।