देश के विभिन्न शहरों में हुए बम विस्फोट के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एनआईए प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
कई टीमें उनकी गतिविधियां और रिकार्ड खंगाल रही हैं। एजेंसी का विशेष ध्यान आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों पर है। जांच के लिए एजेंसी वर्ष 2007 में सिमी के विरुद्ध दिल्ली में दर्ज मुकदमों में शामिल आरोपियों और उनके करीबियों की सूची का भी सहारा ले रही है।
26 जनवरी को भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा में खलल डालने के विरोधी संगठनों के मंसूबों के मद्देनजर खुफिया विभाग और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा एजेंसियों से सतर्कता बरतने के लिए कहा है।
ऐसे में नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) बम विस्फोट की घटनाओं में लिप्त या साजिश रचने वाले लोगों को हिरासत में ले कर उनसे पूछताछ कर रही है।
ऐसे ही कुछ आरोपियों की निशानदेही पर एनआईए की टीम प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट आफ इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया) से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों की जांच पड़ताल में जुटी है। इसके लिए वह वर्ष 2007 में सिमी के विरुद्ध दिल्ली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट का भी सहारा ले रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस अपनी जांच पूरी कर सिमी के करीब 36 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में सौंप चुकी है।
बता दें कि शहर के ककरहटा गांव निवासी शाहिद बद्र फलाही सिमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। आजमगढ़ सहित आसपास के जिलों के तमाम लोग संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वर्तमान में और कौन-कौन सक्रिय हैं, उनकी गतिविधियां क्या हैं? आदि मामलों की जांच पड़ताल की जा रही है।
बता दें कि सिमी से जुड़े संदिग्धों की जांच के लिए एनआईए की टीम गुरुवार को डीएसपी राधाकृष्णन के नेतृत्व में आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाने पहुंची थी। फरिहां के ग्राम प्रधान जावेद आलम फराही सहित अन्य लोगों से गांव के शाहआलम और अबूशाद के विषय में पूछताछ की। साथ ही अन्य की तलाश कर रही है।
एएसपी सिटी विनोद कुमार ने बताया कि एनआईए की टीम शुक्रवार को भी जिले में मौजूद रही। एजेंसी के लोग सिमी से जुड़े कुछ संदिग्धों की तलाश और रिकार्ड खंगाल रहे हैं। पुलिस से उनका हर तरह से सहयोग कर रही है।