लहरपार गांव में शनिवार की देर शाम चूहों की शरारत से लगी आग में दो परिवारों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। परिवार के सदस्यों के तन पर पड़े कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। फायर बिग्रेड की दो गाड़ियों ने गांववालों की मदद से आग पर काबू पाई। रविवार को गांव के लोग परिवार की मदद के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे थे।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के लहरपार गांव निवासी शिवधारी गोंड़ शनिवार की देर शाम साढ़े सात बजे घर में पूजा किए और दीपक जलाकर कमरे से बाहर निकल आए। परिवार के सदस्य गर्मी से बचने के लिए बाहर बैठे हुए थे। इस दौरान कमरे में सुनसान होने की वजह से चूहे खेलने लगे। खेलते समय ही कोई चूहा दीपक की बाती खींचकर कपड़ों के ढेर में लेकर चला गया। सुलगते दीपक से कपड़े में आग लग गई। कुछ ही देर में आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले ली।
रात करीब आठ बजे परिवार महिलाएं शौच करने के लिए खेत की तरफ जा रही थी। इस दौरान भवन से निकल रहे तेज धुआं और लपटों को देख शोर मचाई तो सभी को जानकारी हुई। सूचना मिलने पर जिला मुख्यालय और बूढ़नपुर तहसील मुख्यालय से फायर बिग्रेड की दो गाड़ियां पहुंचीं। तब तक पूरा कच्चा मकान और भीतर रखे गए सामान जलकर नष्ट हो गए। घटना में शिवधारी का नगद, अनाज समेत अन्य सामान और पट्टीदार सितारा देवी पत्नी स्व. गुलाबचंद का करीब एक लाख रुपये का सामान आदि जलकर नष्ट हो गया। रविवार को प्रधानपति रामप्रीत राम ने दोनों परिवारों को आर्थिक मदद दी।
प्रधानपति ने दोनों परिवारों को वर्ष भर का राशन देने का भरोसा दिया। नुकसान का आकलन करने पहुंचे कानूनगो बूढऩपुर कांता प्रसाद से लोहिया आवास दिलाने की मांग की।