बुजुर्ग हरिहर सिंह ने जहर खाकर जान दे दी।
थाना क्षेत्र के तियरा गांव निवासी वृद्ध हरिहर सिंह (70) ने शनिवार की रात जहर खाकर जान दे दी। तीन पन्ने के सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए गांव की एक महिला सहित चार लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनकी शिकायत पर तहसील प्रशासन उसे कोई नोटिस दिए बिना ही उसका मकान गिरवा दिया है। शनिवार की देर रात मौत के बाद पुलिस ने उसका शव लेने की कोशिश तो ग्रामीणों ने रोक दिया। दूसरे दिन तहसीलदार लालगंज के आश्वासन के बाद रविवार की शाम पुलिस उसकी लाश को कब्जे में ले सकी। हरिहर के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कर लिया। निर्माण ग्राम समाज की जमीन पर था या नहीं तहसील प्रशासन इसकी जांच करा रहा है।
तियरा गांव निवासी वृद्ध हरिहर सिंह (70) गांव के खेत में दो कमरे का मकान बनवा रहे थे। हरिहर के पट्टी दारों की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने 27 जुलाई को ग्राम समाज की जमीन पर निर्माण बताते हुए उसे ढहा दिया था। इससे व्यथित हरिहर ने उसी मकान पर जा कर शनिवार की शाम को विषाक्त पदार्थ खा लिया। काफी देर तक वे घर नहीं लौटे तो घरवाले खोजबीन करने लगे। रात नौ बजे के करीब उनका शव खेत वाले मकान में मिला। उनके पास तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला जिसमें लिखा था कि उसके बड़े बेटे की मौत हो चुकी है।
वह उसकी पत्नी के लिए खेत में मकान बनवा रहा था। गांव के जयप्रकाश सिंह उनकी पत्नी विंदा सिंह, राकेश और राजकुमार सिंह ने उसके विरुद्ध लालगंज तहसील में शिकायती पत्र दिया था कि मकान ग्राम समाज की जमीन में बन रहा है। इस पर उसे बिना कोई नोटिस दिए 27 जुलाई को नायब तहसीलदार लालगंज, कानूनगो, लेखपाल और मेहनाजपुर पुलिस ने जेसीबी लगाकर उसके मकान को ढहा दिया। सुसाइड नोट में हरिहर सिंह का आरोप है कि मकान गिर जाने के बाद जयप्रकाश सिंह आदि यह ताना मारते थे कि अभी तक घर गिरवाया है आगे बहुत कुछ होना बाकी है। यह लोग हरिहर को तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे थे। रात करीब नौ बजे गांववालों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हरिहर सिंह के पुत्र ने शव को उठाने नहीं दिया। दूसरे दिन रविवार की दोपहर तहसीलदार लालगंज कृष्णदत्त तिवारी गांव पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर दिन में करीब तीन बजे लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
पुलिस हरिहर सिंह के पुत्र रामानंद की तहरीर पर जयप्रकाश सिंह सहित चार लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई। इस बारे में तहसीलदार लालगंज कृष्णदत्त तिवारी ने बताया कि हरिहर सिंह जिस स्थान पर मकान बनवा रहे थे। उसकी शिकायत मिली थी कि निर्माण ग्राम समाज की जमीन में हो रहा है। इस सूचना के बाद मकान ढहा दिया गया। हरिहर सिंह की मौत के बाद इसकी जांच कराई जा रही है कि वह जमीन वास्तव में कैसी है। यदि ग्राम समाज की जमीन नहीं निकली और राजस्वकर्मियों का दोष सिद्ध होगा तो उनके विरुद्ध भी केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।