बर्जला गांगेपुर में खलिहान की जमीन पर बनाए गए नौ भवनों को हाईकोर्ट के आदेश पर रविवार को सगड़ी तहसील प्रशासन ने बुजडोजर चलवाकर जमीदोंज करा दिया। कार्रवाई के समय भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। हालांकि प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की नहीं चली।
गांगेपुर में खलिहान की जमीन पर नौ लोगों ने भवन का निर्माण करा रखा था। इसका मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट ने खलिहान की जमीन से कब्जा हटाने का आदेश दिया था। इस पर अमल करते हुए रविवार की सुबह 11:00 बजे के करीब तहसीलदार हीरालाल रौनापार, बिलरियागंज, महराजगंज और जीयनपुर थाने की पुलिस और पीएसी के साथ बर्जला गांगेपुर की दलित बस्ती में पहुंचे। उन्होंने खलिहान की जमीन पर बने अवैध मकानों को चार जेसीबी के सहारे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
भवन ध्वस्त करने से पहले सामान को सुरक्षित निकाल लेने का मौका दिया गया। भवन मालिकों ने अपना सारा सामान बाहर कर दिया। पुलिस बल के बीच तहसील प्रशासन ने एक-एक कर कुल नौ अवैध भवनों को ध्वस्त करा दिया। महिलाओं ने पुलिस जीप रोककर प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। प्रशासन के आगे अतिक्रमणकारियों की एक भी नहीं चली।
हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार हीरालाल ने पति राम पुत्र दुब्बर मुक्तिदेव पुत्र सौदागर, चनवता पत्नी रामपति, श्यामलाल और दीपचंद पुत्रगण सिद्धू, तप्पे राम पुत्र हरदेव, रामनाथ हरिनाथ शिवनाथ पुत्रगण बद्री का बना पक्का मकान को गिरवा दिया। वहीं, तहसीलदार हीरालाल ने कहा कि जिस पीड़ित के पास मकान बनवाने के लिए जमीन नहीं रहेगी, उसे ग्रामसभा की जमीन का आवंटन करने का प्रयास किया जाएगा।